अमिताभ बच्चन का सबसे काला दौर: 90 करोड़ के कर्ज में डूबे थे, बेटे अभिषेक ने छोड़ दी पढ़ाई, घर की कुड़की की नौबत आई थी
मुंबई: बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन आज करोड़ों दिलों के भगवान हैं, लेकिन उनके जीवन में एक ऐसा दौर भी आया था, जिसे उन्होंने खुद “सबसे अंधकारमय समय” कहा है। 90 करोड़ रुपये के भारी कर्ज, लेनदारों की धमकियां, घर की कुड़की की नौबत और मानसिक दबाव—यह सब कुछ महज कुछ साल पहले की बात है। इस संकट से उबरने में उनके बेटे अभिषेक बच्चन ने भी अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी और परिवार की मदद के लिए फिल्मों में छोटे-मोटे काम करने लगे।
शुरुआत से सफलता तक का सफर अमिताभ बच्चन का शुरुआती करियर आसान नहीं था। कई फ्लॉप फिल्मों के बाद 1973 में आई ‘जंजीर’ ने उन्हें रातोंरात सुपरस्टार बना दिया। एंग्री यंग मैन के रूप में उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर राज किया। लेकिन शोहरत के चरम पर उन्होंने बड़ा जोखिम लिया—अमिताभ बच्चन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ABCL) की स्थापना। यह कंपनी फिल्म प्रोडक्शन, इवेंट मैनेजमेंट और एंटरटेनमेंट के क्षेत्र में क्रांति लाने का सपना लेकर शुरू हुई थी।
ABCL की विफलता और 90 करोड़ का कर्ज मगर ABCL बुरी तरह फ्लॉप हो गई। 1990 के दशक के अंत में कंपनी पर इतना कर्ज चढ़ गया कि अमिताभ बच्चन करीब 90 करोड़ रुपये के कर्ज में डूब गए। इंडिया टुडे को दिए एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मेरे 44 साल के करियर का यह सबसे काला समय था।” लेनदार घर तक पहुंच जाते थे, गालियां देते थे और रोज का तनाव इतना बढ़ गया कि घर की कुड़की तक की नौबत आ गई थी। जिस महानायक को देश पूजता था, वह अंदर से पूरी तरह टूट चुका था।
अभिषेक बच्चन का बड़ा बलिदान इसी दौर में अभिषेक बच्चन अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में लिबरल आर्ट्स और परफॉर्मिंग आर्ट्स की पढ़ाई कर रहे थे। पिता की हालत देखकर उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी। एक पॉडकास्ट में अभिषेक ने खुलासा किया कि परिवार की आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने डिग्री अधूरी छोड़ दी और भारत लौट आए। स्टार किड होने के बावजूद उन्होंने प्रोडक्शन बॉय का काम किया—सेट पर चाय बनाई, छोटे-मोटे काम किए और हर मौके को सीखने के रूप में लिया।
फिर उठे और लौटे मजबूती के साथ बच्चन परिवार ने हार नहीं मानी। अमिताभ ने दोबारा फिल्में कीं और एक-एक प्रोजेक्ट लेकर कर्ज चुकाया। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी। आज वे इंडस्ट्री के सबसे सम्मानित और प्रभावशाली सितारे हैं।अभिषेक की बिजनेस में सफलता अभिषेक बच्चन ने भी अभिनय के साथ बिजनेस में अपनी मजबूत पकड़ बनाई। 2014 में उन्होंने प्रो कबड्डी लीग की टीम जयपुर पिंक पैंथर्स खरीदी, जिसने उसी साल पहला PKL टाइटल जीता। राज शमानी के पॉडकास्ट में अभिषेक ने बताया कि इस निवेश से उन्हें 100 गुना से ज्यादा रिटर्न मिला। इसी साल वे एमएस धोनी और वीटा दानी के साथ चेन्नईयिन FC (ISL) के को-ओनर बने, जिसने 2015 और 2018 में खिताब जीता।
वे पिता के प्रोडक्शन हाउस AB Corp में भी सक्रिय हैं और ‘पा’, ‘शमिताभ’, ‘घूमर’ जैसी फिल्मों को सफलतापूर्वक प्रोड्यूस कर चुके हैं। उनकी नेट वर्थ करीब 280 करोड़ रुपये बताई जाती है। पत्नी ऐश्वर्या राय बच्चन भी इस सफर में उनके साथ खड़ी रहीं।यह कहानी सिर्फ गिरने की नहीं, बल्कि उठने की है—जिसने साबित किया कि मेहनत और परिवार के साथ कोई भी मुश्किल असंभव नहीं।