उत्तराखंड में नौकरियों की बहार: सीएम धामी ने खोला राज, अगले साल खुलेगा रोजगार का पिटारा
2 नवंबर 2025, देहरादून: उत्तराखंड की धरती पर रोजगार की नई सुबह होने वाली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा ऐलान किया है, जो लाखों युवाओं के सपनों को पंख देगा। राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में यह खबर और भी खास। लेकिन क्या यह सिर्फ नौकरियों का वादा है, या विकास की नई कहानी? पिछले चार सालों की मेहनत का नतीजा, और आने वाले दिनों का वादा। आइए, जानें कैसे बदलेगा पहाड़ी राज्य का चेहरा, और युवाओं को मिलेगा क्या अवसर।
चार साल की उपलब्धि: 26 हजार नौकरियां, युवाओं का भरोसा
देहरादून में शनिवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम धामी ने राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि पिछले चार सालों में 26 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं। कुछ परीक्षाओं के रिजल्ट आने बाकी हैं, जो जल्द घोषित होंगे। यह आंकड़ा पहले की सरकारों से दोगुना है। भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती प्रक्रिया ने मेरिट को मजबूती दी। नकल विरोधी कानून ने युवाओं का भरोसा जीता। आंदोलनकारियों को 10% और महिलाओं को 30% आरक्षण ने समावेशी रोजगार सुनिश्चित किया। यह सिर्फ नौकरियां नहीं, बल्कि पारदर्शिता की जीत है। युवा अब सपनों को हकीकत में बदल रहे हैं।
अगले साल का वादा: 10-12 हजार नई भर्तियां, कुल 36-38 हजार
सीएम धामी ने स्पष्ट कहा कि अगले एक साल में 10 से 12 हजार नई सरकारी नौकरियां भरी जाएंगी। इससे कुल आंकड़ा 36 से 38 हजार तक पहुंचेगा। यह ऐलान राज्य के रजत जयंती समारोह की शुरुआत पर हुआ। भर्ती प्रक्रियाएं तेज होंगी, ताकि युवा इंतजार न करें। समान नागरिक संहिता लागू करने वाले पहले राज्य के रूप में उत्तराखंड ने विकास को गति दी। सशक्त भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा रोधी उपायों ने स्थिरता लाई। निवेशक सम्मेलन के बाद एक लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश धरातल पर उतरा। स्टार्टअप के लिए 200 करोड़ का वेंचर फंड बनेगा। अर्थव्यवस्था 26 गुना बढ़ी, प्रति व्यक्ति आय 17 गुना। 2025-26 का बजट एक लाख करोड़ से ऊपर।
विकास की नई ऊंचाई: केदारनाथ से रेल लाइन तक परिवर्तन
अंत्योदय योजना से 1.85 लाख परिवारों को सालाना तीन गैस सिलेंडर, 1.65 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनीं। केदारनाथ में एक साल में सभी निर्माण पूरे होंगे, भव्य रूप लेगा। बदरीनाथ में 300 करोड़ का मास्टर प्लान, केदारनाथ-हेमकुंड रोपवे शुरू। कुमाऊं के 48 मंदिर-गुरुद्वारे सर्किट में जुड़ेंगे। दिल्ली-देहरादून एलीवेटेड रोड अंतिम चरण में, सफर दो-ढाई घंटे का। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन 70% पूरी। ये कदम नौकरियों के साथ पर्यटन-बुनियादी ढांचे को मजबूत करेंगे। सीएम ने कहा, यह राज्य की प्रगति का आईना है। युवा अब नई उम्मीदों से भरे।