महाराष्ट्र के व्यापारियों से गुण्डा टैक्स मांगने वाला शातिर अपराधी बृजेश चैहान बलिया से गिरफ्तार
बलिया, 10 मार्च 2025: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और पनवेल सिटी, नवी मुंबई (महाराष्ट्र) पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के व्यापारियों से गुण्डा टैक्स मांगने वाले शातिर अपराधी बृजेश चैहान को बलिया से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। यह गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है क्योंकि बृजेश चैहान पहले से ही महाराष्ट्र पुलिस द्वारा वांछित था और लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी के साथ ही कई महत्वपूर्ण सवालों का हल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
गुण्डा टैक्स मांगने की धमकी
मामला महाराष्ट्र के पनवेल सिटी का है, जहां बृजेश चैहान ने दो व्यापारियों से गुण्डा टैक्स की मांग की थी। इस दौरान, उसने व्यापारियों को व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से धमकी दी थी। धमकी देने के तरीके में, बृजेश ने अपने हथियार से दिखाते हुए यह कहा था कि वह उनके बच्चों की हत्या कर देगा यदि वे उससे पैसे नहीं देते। इस धमकी से प्रभावित होकर, दोनों व्यापारियों ने उसे पैसा देने का फैसला किया। इन घटनाओं को लेकर पनवेल सिटी पुलिस थाने में दो अलग-अलग मामलों की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिनमें बृजेश चैहान को आरोपी के रूप में नामित किया गया था।
फरारी और गिरफ्तार होने तक की प्रक्रिया
पनवेल सिटी पुलिस ने बृजेश चैहान की गिरफ्तारी के लिए कई महीनों तक प्रयास किए, लेकिन वह लगातार पुलिस की पकड़ से बाहर था। पुलिस को पता चला था कि वह मुंबई से कहीं दूर उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में छिपा हुआ था। इसके बाद पनवेल सिटी पुलिस ने एसटीएफ उत्तर प्रदेश से सहयोग की अपील की और इस अपराधी को पकड़ने के लिए एक संयुक्त ऑपरेशन चलाने का निर्णय लिया गया।
एसटीएफ ने अपने नेटवर्क के माध्यम से जानकारी जुटाई और इसे बलिया तक ट्रैक किया। एक विश्वसनीय सूत्र ने एसटीएफ को सूचना दी कि बृजेश चैहान बलिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के कुवंर सिंह तिराहा रामपुर इलाके में छिपा हुआ है। इस सूचना पर एसटीएफ वाराणसी की टीम और पनवेल सिटी पुलिस ने संयुक्त रूप से उस स्थान पर कार्रवाई की।
गिरफ्तारी और बरामदगी
आज, 9 मार्च 2025 को एसटीएफ और पनवेल सिटी पुलिस की संयुक्त टीम ने बृजेश चैहान को कुवंर सिंह तिराहा, रामपुर (बलिया) से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के दौरान, उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसका उपयोग उसने व्यापारियों को धमकी देने के लिए किया था। यह मोबाइल फोन महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में काम करेगा क्योंकि यह वह डिवाइस था, जिससे उसने व्यापारियों को व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से धमकी दी थी।
पूछताछ में खुलासा
गिरफ्तारी के बाद, बृजेश चैहान से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपनी आपराधिक गतिविधियों को स्वीकार किया। पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि बृजेश चैहान पहले मुंबई में ही रहता था और वहां के दो व्यापारियों, प्रशांत प्रभाकर दलवी और चन्द्रकान्त अर्जुन से उसकी पहचान थी। उसने जानबूझकर इन व्यापारियों को धमकी दी, यह जानते हुए कि वे डरकर पैसे दे देंगे।
बृजेश ने अपनी धमकियों में व्यापारियों के बच्चों की हत्या करने की बात कही थी और यह भी कहा था कि अगर उन्हें अपनी जान और परिवार की सलामती चाहिए, तो उन्हें उसे पैसे देने होंगे। उसके द्वारा दी गई इस धमकी को लेकर व्यापारियों ने डर के मारे उसे पैसा देने का निर्णय लिया था। इसके बाद दोनों व्यापारियों ने पनवेल सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर बृजेश चैहान के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्यवाही
इस गिरफ्तारी में एसटीएफ की टीम का विशेष योगदान रहा। एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक श्री शैलेश प्रताप सिंह के पर्यवेक्षण में एसटीएफ फील्ड इकाई, वाराणसी के निरीक्षक अमित श्रीवास्तव और उनकी टीम ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने स्थानीय स्तर पर अभिसूचना संकलन की प्रक्रिया को अंजाम दिया और इस जानकारी को पनवेल सिटी पुलिस के साथ साझा किया, जिससे संयुक्त कार्यवाही की जा सकी।
एसटीएफ की टीम ने यह सुनिश्चित किया कि बृजेश चैहान के खिलाफ कार्रवाई सटीक तरीके से की जाए और उसे गिरफ्तार कर कानून के समक्ष पेश किया जाए। बलिया में हुई गिरफ्तारी के बाद बृजेश चैहान को स्थानीय थाने में दाखिल किया गया और पनवेल सिटी पुलिस के अनुरोध पर उसे महाराष्ट्र भेजने की तैयारी की जा रही है।
आगे की कानूनी कार्रवाई
बृजेश चैहान के खिलाफ पनवेल सिटी (महाराष्ट्र) पुलिस द्वारा दो मामले पहले से ही पंजीकृत किए जा चुके थे। अब बृजेश को स्थानीय न्यायालय में पेश किया जाएगा और उसके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तारी के बाद पनवेल सिटी पुलिस को यह महत्वपूर्ण जानकारी मिली है कि बृजेश ने कई अन्य व्यापारियों को भी धमकी दी थी और वह मुम्बई में अपने इस अपराध को लगातार अंजाम दे रहा था।
एसटीएफ की भूमिका और सफलता
एसटीएफ उत्तर प्रदेश की यह कार्यवाही इस बात का उदाहरण है कि राज्य में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अपराधियों के खिलाफ कितनी सक्रिय और प्रभावी हैं। एसटीएफ की ओर से की गई त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक शातिर अपराधी को पकड़ने में मदद की, बल्कि यह संदेश भी दिया कि राज्य सरकार अपराधियों के खिलाफ कोई भी कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।
बृजेश चैहान की गिरफ्तारी से यह साबित हुआ कि एसटीएफ उत्तर प्रदेश और स्थानीय पुलिस की समन्वित कार्यवाही से आपराधिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जा रहा है।
निष्कर्ष
इस सफलता से यह स्पष्ट हो गया है कि स्पेशल टास्क फोर्स और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम की कार्यवाही प्रभावी है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। बृजेश चैहान की गिरफ्तारी ने यह सिद्ध कर दिया है कि पुलिस विभाग राज्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है, और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
