राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस: अमित शाह ने 36,852 शहीद पुलिसकर्मियों को किया नमन, CAPF जवानों की जमकर की तारीफ
Gandhinagar: Union Home and Cooperation Minister Amit Shah lights a ceremonial lamp during the fifth All India Official Language Conference on Hindi Diwas, at Mahatma Mandir in Gandhinagar on Sunday, September 14, 2025. Gujarat Chief Minister Bhupendra Patel is also present. (Photo: IANS/X/@Bhupendrapbjp)
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के योगदान की सराहना की। शाह ने कहा कि पुलिस की सेवा बेहद कठिन है, क्योंकि त्योहारों के दौरान भी जवान अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए देश और नागरिकों की सुरक्षा में जुटे रहते हैं।
राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में 36,852 शहीदों को श्रद्धांजलि
अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रीय पुलिस स्मारक देशभर के नागरिकों के लिए शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने का महत्वपूर्ण स्थल बन गया है। यहां देश के 36,852 शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस साल शहीदों की सूची में 154 और पुलिसकर्मियों के नाम जोड़े गए हैं। कार्यक्रम के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक महेश ने इन शहीदों के नाम पढ़े।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2018 में राष्ट्रीय पुलिस स्मारक का उद्घाटन किया था। इसका उद्देश्य देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मान देना और आने वाली पीढ़ियों को उनके साहस एवं समर्पण से प्रेरणा लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
‘पुलिस की सेवा सबसे कठिन सेवाओं में से एक’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने पुलिसकर्मियों की चुनौतियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवाओं में पुलिस की सेवा सबसे कठिन सेवाओं में से एक है। देश के लोग जब अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाते हैं, तब पुलिसकर्मी सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और नागरिकों की सलामती सुनिश्चित करने के लिए ड्यूटी पर तैनात रहते हैं।
शाह ने कहा कि जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को परिवार से दूर रहकर राष्ट्र की सेवा में समर्पित करना बहुत बड़ा योगदान है। पुलिसकर्मियों का यह त्याग देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है।
CAPF जवानों की भूमिका को सराहा
गृह मंत्री ने सीमाओं और देश के विभिन्न हिस्सों में तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के जवानों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, चुनाव संपन्न कराने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को सुचारु रूप से चलाने में इन बलों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अमित शाह ने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए CAPF जवानों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होता है और जवानों ने बड़ी जिम्मेदारी निभाई।
बंगाल चुनाव में हिंसा रोकने का किया जिक्र
अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में चुनाव से जुड़ी हिंसा पर काफी हद तक काबू पाया गया है, जबकि पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा लंबे समय से चिंता का विषय रही है। उन्होंने CAPF जवानों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने बिना किसी की जान जाने बंगाल विधानसभा चुनाव संपन्न कराने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की।
शाह ने इसे एक नया मानक बताते हुए कहा कि चुनावी हिंसा से मुक्त लोकतांत्रिक प्रक्रिया देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
पंजाब में नशे के मुद्दे पर भी दिया बयान
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम से पहले अमित शाह ने मंगलवार को लुधियाना में पंजाब में नशे की समस्या को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए पंजाब में नशे की स्थिति पर चिंता जताई।
शाह ने कहा कि वह चिट्टा यानी नशीले पदार्थों से प्रभावित लोगों से मिले और राज्य की स्थिति जानकर उन्हें दुख हुआ। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2029 तक पंजाब को नशा मुक्त किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि नशा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
