बिहार में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम! BJP MLC देवेश कुमार ने दिया इस्तीफा, अब उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश की राह आसान?
बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधान परिषद सदस्य (MLC) देवेश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अचानक फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं कि अब यह सीट केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश को दी जा सकती है।
देवेश कुमार का कार्यकाल मार्च 2027 तक था, लेकिन उन्होंने समय से पहले ही इस्तीफा दे दिया। जानकारी के मुताबिक, वह अचानक बिहार विधान परिषद पहुंचे और सीधे सभापति के कक्ष में जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद उनके इस्तीफे की खबर सामने आई।
इस घटनाक्रम को बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश की सदस्यता से जोड़कर देखा जा रहा है। वर्तमान में दीपक प्रकाश मंत्री तो हैं, लेकिन वे न तो विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य। भारतीय संविधान के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को मंत्री बनने के छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है, अन्यथा वह मंत्री पद पर बने नहीं रह सकता।
इसी मुद्दे को लेकर मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में भी विचाराधीन है। याचिका में दावा किया गया है कि दीपक प्रकाश पहली बार 20 नवंबर 2025 को मंत्री बने थे और सरकार के इस्तीफे के बाद 7 मई 2026 को दोबारा मंत्री पद की शपथ ली। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि संविधान के तहत छह महीने की समय-सीमा दोबारा शुरू नहीं हो सकती, इसलिए उनका मंत्री पद पर बने रहना संवैधानिक प्रावधानों के विपरीत है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बिहार सरकार, दीपक प्रकाश और चुनाव आयोग से जवाब मांगा है। अदालत ने यह भी सवाल किया है कि जब दीपक प्रकाश किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, तो वे छह महीने से अधिक समय तक मंत्री कैसे बने हुए हैं।
ऐसे में देवेश कुमार के इस्तीफे को राजनीतिक और संवैधानिक दोनों दृष्टियों से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि दीपक प्रकाश को विधान परिषद का सदस्य बनाया जाता है, तो उनकी मंत्री पद की संवैधानिक बाधा दूर हो सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि भाजपा और एनडीए नेतृत्व इस सीट पर अंतिम फैसला कब और कैसे करता है।