October 7, 2026

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भारतीय जनता पार्टी के नए युग का आगाज़: नितिन नवीन बने 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, पीएम मोदी ने बताया ‘मिलेनियल बॉस’

नई दिल्ली: भारतीय राजनीति के इतिहास में मंगलवार का दिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत लेकर आया। राजधानी दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित एक भव्य समारोह में नितिन नवीन को निर्विरोध रूप से भाजपा का 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और निवर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं की मौजूदगी में नितिन नवीन के नाम का औपचारिक एलान हुआ। इस नियुक्ति के साथ ही नितिन नवीन भाजपा के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष बन गए हैं, जिन्होंने 45 वर्ष की आयु में यह गौरव हासिल किया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अमित शाह के नाम था, जो 49 वर्ष की उम्र में अध्यक्ष बने थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष का स्वागत उन्हें फूलों की माला पहनाकर किया। इस अवसर पर पीएम मोदी का संबोधन न केवल भविष्य की रूपरेखा तैयार करने वाला था, बल्कि उन्होंने संगठनात्मक ढांचे और कार्यकर्ताओं की अहमियत पर भी विस्तार से अपनी बात रखी।

प्रधानमंत्री का संबोधन: ‘नितिन नवीन मेरे बॉस हैं’

पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं के भारी हुजूम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बेहद भावुक और प्रेरक भाषण दिया। उन्होंने नितिन नवीन को दुनिया के सबसे बड़े राजनीतिक दल का नेतृत्व संभालने पर बधाई देते हुए कहा कि भाजपा का यह ‘संगठन पर्व’ पार्टी की कार्यकर्ता केंद्रित सोच का जीवंत प्रतीक है। पीएम मोदी ने एक ऐतिहासिक टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा में पद एक व्यवस्था है, लेकिन कार्यकर्ता होना एक संस्कार है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं मुख्यमंत्री रहा, प्रधानमंत्री भी हूं, लेकिन मूल रूप से मैं भाजपा का एक कार्यकर्ता हूं। आज से नितिन नवीन मेरे बॉस हैं और मैं उनके नेतृत्व में एक अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा।”

पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा का नेतृत्व परंपराओं से चलता है और अनुभवों से समृद्ध होता है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने शून्य से शिखर तक का सफर देखा है और यह सब कार्यकर्ताओं के बलिदान और समर्पण के कारण संभव हुआ है। प्रधानमंत्री ने पार्टी के सभी पूर्व अध्यक्षों का अभिनंदन करते हुए कहा कि आज भाजपा का जितना ध्यान संगठन के विस्तार पर है, उतना ही ध्यान ‘कार्यकर्ता निर्माण’ पर भी है। उन्होंने नए अध्यक्ष के लिए चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा कि नितिन नवीन को न केवल भाजपा के विशाल संगठन को संभालना है, बल्कि एनडीए के घटक दलों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के कंधों पर है।

विकसित भारत और 25 वर्षों का रोडमैप

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भविष्य के लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत अब 21वीं सदी के एक ऐसे अहम दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां से अगले 25 साल देश के लिए निर्णायक होंगे। पीएम मोदी ने नितिन नवीन को ‘मिलेनियल’ अध्यक्ष बताते हुए कहा कि वे उस पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं जिसने रेडियो के युग से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक के सफर को देखा और जिया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, नवीन की यह आधुनिक सोच और तकनीक के साथ तालमेल बिठाने की क्षमता पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

पीएम मोदी ने कहा कि आने वाले 25 वर्षों में ‘विकसित भारत’ का निर्माण हमारा संकल्प है और यह लक्ष्य हासिल करना तय है। उन्होंने याद दिलाया कि इस वर्ष जनसंघ की स्थापना के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने उन तमाम परिवारों को नमन किया जिन्होंने अपनी पीढ़ियों को संगठन की मजबूती के लिए समर्पित कर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा में ‘मेंबरशिप’ (सदस्यता) से ज्यादा ‘रिलेशनशिप’ (संबंधों) को महत्व दिया जाता है, और यही कारण है कि जो लोग आज राजनीति में आना चाहते हैं, वे भाजपा को सबसे सुरक्षित और संभावनाओं वाला विकल्प मानते हैं।

चुनावी सफलता और भाजपा का बढ़ता सामर्थ्य

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने पिछले 11 वर्षों में भाजपा की चुनावी उपलब्धियों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भाजपा आज केवल उत्तर भारत की पार्टी नहीं रह गई है, बल्कि पूरे देश की आवाज बन चुकी है। उन्होंने हरियाणा, असम, त्रिपुरा और ओडिशा जैसे राज्यों का उदाहरण दिया जहां भाजपा ने पहली बार अपने दम पर सरकारें बनाईं। उन्होंने विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और तेलंगाना का जिक्र करते हुए कहा कि इन राज्यों में भाजपा जनता की सबसे बड़ी आवाज बनकर उभरी है।

पीएम मोदी ने महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों और केरल के नगर निगम चुनावों के आंकड़ों के जरिए पार्टी की जमीनी मजबूती को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के 29 बड़े शहरों में से 25 में जनता ने भाजपा-एनडीए को चुना है और जीते हुए पार्षदों में से 50 प्रतिशत भाजपा के हैं। तिरुवनंतपुरम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि 45 साल बाद जनता ने वहां लेफ्ट के शासन को उखाड़ फेंका और भाजपा पर भरोसा जताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा अब केवल संसद या विधानसभा की पार्टी नहीं है, बल्कि नगर पालिकाओं और पंचायतों में भी यह देश की पहली पसंद बन गई है।

पूर्व अध्यक्षों की विरासत और वैचारिक निरंतरता

नितिन नवीन को विरासत सौंपते हुए पीएम मोदी ने पार्टी के महान नेताओं के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी ने पार्टी को शून्य से शिखर की राह दिखाई। इसके बाद एम. वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी जैसे नेताओं ने संगठन को विस्तार दिया। राजनाथ सिंह के कालखंड में पार्टी ने पहली बार केंद्र में पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा ने अजेय चुनावी मशीन के रूप में खुद को स्थापित किया। जेपी नड्डा के कार्यकाल की प्रशंसा करते हुए पीएम ने कहा कि उनके नेतृत्व में भाजपा पंचायत से लेकर संसद तक हर स्तर पर अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुई है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भाजपा में अध्यक्ष बदलते हैं लेकिन आदर्श नहीं बदलते, नेतृत्व बदलता है लेकिन विकास की दिशा और राष्ट्रसेवा का संकल्प स्थिर रहता है।

सुशासन का मॉडल और सामाजिक न्याय

प्रधानमंत्री ने विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश ने आजादी के बाद शासन के कई मॉडल देखे हैं—परिवारवाद का मॉडल, लेफ्ट का मॉडल और अस्थिर सरकारों का दौर। लेकिन आज देश भाजपा का ‘सुशासन और संवेदनशीलता’ वाला मॉडल देख रहा है। उन्होंने कहा कि हमने सत्ता को सुख भोगने का साधन नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम बनाया है। सामाजिक न्याय के मुद्दे पर बोलते हुए पीएम ने कहा कि भाजपा ने इस नारे को कागजों से निकालकर धरातल पर उतारा है।

उन्होंने ‘जल जीवन मिशन’ का उदाहरण देते हुए कहा कि जो दर्द उन्होंने माताओं-बहनों की आंखों में पानी के संघर्ष के रूप में देखा था, उसे दूर करने के लिए उनकी सरकार ने महज 5-6 वर्षों में 12 करोड़ से ज्यादा परिवारों को नल से जल की सुविधा प्रदान की है। उन्होंने कहा कि “जिसे किसी ने नहीं पूछा, उसे मोदी ने पूजा है,” और यही भाजपा की अंत्योदय की भावना है।

नितिन नवीन: एक युवा नेतृत्व का उदय

अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले नितिन नवीन ने अपने दिन की शुरुआत आध्यात्मिक आशीर्वाद के साथ की। वे दिल्ली के ऐतिहासिक झंडेवालान मंदिर, भगवान वाल्मीकि मंदिर, प्राचीन हनुमान मंदिर और गुरुद्वारा बंगला साहिब पहुंचे, जहां उन्होंने माथा टेका और देश की सेवा के लिए शक्ति मांगी। नितिन नवीन की निर्विरोध जीत उनके प्रति पार्टी के भीतर व्यापक विश्वास को दर्शाती है। गौरतलब है कि सोमवार को नामांकन की प्रक्रिया के दौरान किसी अन्य उम्मीदवार ने पर्चा दाखिल नहीं किया था, जिसके बाद उनके चयन का मार्ग प्रशस्त हो गया।

नितिन नवीन को 14 दिसंबर 2025 को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था और तब से ही वे संगठन के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। छत्तीसगढ़ के चुनाव प्रभारी के रूप में उनके शानदार प्रदर्शन और बिहार की राजनीति में उनकी गहरी पकड़ ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान दी है। अब 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनके सामने 2029 के लोकसभा चुनावों की तैयारी और देश के उन राज्यों में संगठन को मजबूत करने की चुनौती है जहां भाजपा अभी भी संघर्ष कर रही है।

नितिन नवीन का अध्यक्ष चुना जाना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है जिसमें पार्टी नेतृत्व की नई खेप तैयार करने पर जोर दे रही है। एक युवा चेहरे को कमान सौंपकर भाजपा ने यह संदेश दिया है कि वह भविष्य की चुनौतियों और युवा मतदाताओं की आकांक्षाओं को लेकर पूरी तरह सजग है।

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