सही स्लीप पोज़िशन क्या है? गलत तरीके से सोने के नुकसान और बेहतर नींद के उपाय
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी नींद लेना एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, न सिर्फ नींद की अवधि बल्कि सोने का तरीका (स्लीप पोज़िशन) भी हमारी सेहत पर गहरा असर डालता है।
अलग-अलग सोने की पोज़िशन शरीर पर अलग प्रभाव डालती हैं।
बाईं करवट सोना: इसे सबसे बेहतर माना जाता है, इससे पाचन बेहतर रहता है और एसिडिटी कम होती है।
दाईं करवट सोना: इससे कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स और हार्टबर्न की समस्या बढ़ सकती है।
पीठ के बल (सीधे) सोना: इससे खर्राटे और Sleep Apnea का खतरा बढ़ सकता है।
पेट के बल सोना: इससे रीढ़ (स्पाइन) का अलाइनमेंट बिगड़ सकता है और गर्दन में दर्द हो सकता है।
स्टारफिश पोज़िशन (हाथ सिर के ऊपर): नर्व कंप्रेशन और कंधों में दर्द का कारण बन सकती है।
फीटल पोज़िशन (सिकुड़कर सोना): लंबे समय तक ऐसा सोने से तनाव और शरीर में जकड़न बढ़ सकती है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग 6 घंटे से भी कम सो रहे हैं, जो चिंता का विषय है। नींद की कमी से:
याददाश्त कमजोर होती है
निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है
भावनात्मक संतुलन बिगड़ता है
हाई बीपी, हार्ट डिजीज और मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा बढ़ता है
योग गुरु Ramdev के अनुसार, कुछ आसान उपाय अपनाकर नींद को बेहतर बनाया जा सकता है:
रोजाना व्यायाम और योग करें
ताजा और हल्का भोजन करें, तला-भुना खाने से बचें
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
समय पर सोने और उठने की आदत डालें
जीरा, धनिया, सौंफ, मेथी और अजवाइन को रात में पानी में भिगोकर सुबह पीने से पाचन बेहतर होता है
रात में हल्दी वाला दूध लेने से नींद में सुधार हो सकता है
रोज आधा घंटा धूप लें
विटामिन-सी और हरी सब्जियों का सेवन करें
अर्जुन की छाल, दालचीनी और तुलसी का काढ़ा दिल के लिए लाभकारी माना जाता है
विशेषज्ञों का मानना है कि सही स्लीप पोज़िशन, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अपनाकर न सिर्फ नींद की गुणवत्ता सुधारी जा सकती है, बल्कि कई गंभीर बीमारियों से भी बचाव संभव है।