October 7, 2026

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डेमोग्रॉफी, डेमोक्रेसी एवं डायवर्सिटी की त्रिवेणी भारत को बनाती है विशिष्टः आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय खेल एवं युवा मामलों के मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने जी-20 के तहत आयोजित चार दिवसीय वाई-20 युवा शिखर सम्मेलन का शुक्रवार को औपचारिक उद्घाटन किया। गुरुवार से शुरू हुआ यह चार दिवसीय सम्मेलन वाराणसी के रुद्राक्ष इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि सांस्कृतिक विविधता एवं एकता के कारण भारत दुनिया के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। लोकतांत्रिक परंपराओं पर विश्वास करते हुए 140 करोड़ की आबादी जिस भाव-भंगिमा के साथ एकता एवं अखंडता के लिए यशस्वी नेतृत्व में कार्य कर रही है, वह भारत को दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी के रूप में भी प्रस्तुत करती है। डेमोग्रॉफी (जनसांख्यिकी), डेमोक्रेसी (लोकतंत्र) और डायवर्सिटी (विविधता) की यह त्रिवेणी हमें विशिष्ट बनाती है।

उन्होंने कहा कि नित्य नूतन व चिर पुरातन संस्कृति की सुदृढ़ नींव पर हमारा देश अपने स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरा करते हुए अमृतकाल के प्रथम वर्ष में जी-20 के इस आयोजन की अध्यक्षता कर रहा है। हर भारतवासी न केवल इन आयोजनों के प्रति लालायित है बल्कि वैश्विक मंच पर उभरते भारत के रूप में प्रस्तुत करते हुए गौरवान्वित महसूस करता है। योगी ने कहा कि प्राचीन काल से भारत की व्यवस्था को देखें तो युवाओं ने अपने समय में अनेक कार्य किए। युवा शक्ति के रूप में मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम भी याद आते हैं, उन्होंने संकल्प लिया था ‘निसचर हीन करऊं महि, भुज उठाई पन कीन्ह’… जब भारत की धरती से उन्होंने राक्षसी प्रवृत्ति को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया था, तब राम युवा ही थे। मथुरा को कंस और राक्षसों के अत्याचार से मुक्त करने वाले ‘परित्राणाय साधुनाम्, विनाशाय च दुष्कृताम्’ का आह्वान करने वाले श्रीकृष्ण भी युवा ही थे। दुनिया को निर्माण का संदेश देने वाले महात्मा बुद्ध, ज्ञान प्राप्त करने के बाद पहला उपदेश इसी सारनाथ में देते हैं, तब वे भी युवा ही थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के अंदर चार कोनों में चार पीठों की स्थापना करने वाले एवं भारत की सांस्कृतिक एकता को मजबूती प्रदान करने वाले आदि शंकराचार्य मात्र 32 वर्ष तक ही जीवित रहे। स्वामी विवेकानंद ने भारत की प्रतिष्ठा को बढ़ाने का कार्य किया। उन्होंने महज 39 वर्ष ही जीवन जिया। स्वामी प्रणवानंद ने मात्र 42 वर्ष का जीवन जीया था। ‘सवा लाख से एक लड़ाऊं’ का उद्घोष करने वाले गुरु गोविंद सिंह, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी जी महाराज भी युवा ही थे। रानी लक्ष्मीबाई काशी में जन्मी थीं। मात्र 23 वर्ष की आयु में झांसी की आजादी के लिए युद्ध लड़ा था। ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का उद्घोष करने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस भी युवा ही थे। भारत की आजादी के लिए क्रांतिदूत बनकर बलिदान देने वाले चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिस्मिल, सुखदेव, राजगुरु, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह आदि क्रांतिकारी युवा ही थे। वीर सावरकर को मात्र 28 वर्ष की आयु में दो बार आजीवन कारावास की सजा हुई, वे भी युवा ही थे। महाभारत का वह दृश्य, जिसमें 16 वर्ष का अभिमन्यु चक्रव्यूह को भेदता हुआ कौरवों के छक्के छुड़ाता है। वह युवा ही थे। फ्रांस के लुईस ब्रेल ने 15 वर्ष की आयु में दृष्टिहीनों के लिए लिपि की खोज की थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराणसी बाबा विश्वनाथ का पावन धाम है। प्राचीन काल से धर्म व अध्यात्म की नगरी होने के साथ ही भारत के अध्यात्म दर्शन, शिक्षा, साहित्य और कला की भूमि के रूप में भी यह प्राचीन नगरी के रूप में जानी जाती रही है। वाराणसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि भगवान बुद्ध ने सारनाथ में पहला उपदेश दिया था, जो आज भी बौद्ध अनुयायियों के लिए पवित्र एवं आकर्षण का केंद्र बना है।

भारत की प्राचीन व्यवस्था को प्रस्तुत करती है जी-20 की थीम

मुख्यमंत्री ने कहा कि जी-20 की थीम वन अर्थ, वन फैमिली, वन फ्यूचर यह भारत की उस प्राचीन व्यवस्था को प्रस्तुत करता है, जिसने हजारों वर्ष पहले दुनिया को वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया था यानी परिवार को पूरी दुनिया मानने वाली व्यवस्था। यह मेरा, यह तेरा संकुचित लोगों की सोच है। उच्च चरित्र वाले लोग समस्त संसार को ही परिवार मानते हैं। हमें गर्व है कि भारत ने सदैव उदार भावनाओं का प्रतिनिधित्व किया है और जी-20 का यह शिखर सम्मेलन इस बात का उदाहरण भी है। हमारे युवा आने वाले समय के नीति-नियंता हैं, इसलिए विश्व मानवता के बेहतर भविष्य के लिए वर्तमान में की जा रही उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जी-20 के तहत वाई-20 का यह आयोजन पूरे आयोजन की प्रासंगकिता को बढ़ाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाई-20 में आए प्रतिनिधियों ने 5 थीम तय किए हैं कि दुनिया को वसुधैव कुटुम्बकम के संदेश के साथ जोड़ते हुए उसे बढ़ाने और मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करना होगा। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के अलावा प्रदेश सरकार के मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, अरविंद कुमार शर्मा, अनिल राजभर, रवींद्र जायसवाल, गिरीश चंद यादव आदि मौजूद रहे।

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