सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल का 22वां दिन, पत्नी ने हाईकोर्ट से प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की
नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल रविवार को 22वें दिन भी जारी रही। बिगड़ती तबीयत के बाद उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उन्होंने ड्रिप, ORS और दवाएं लेने से इनकार कर दिया है। इस बीच उनकी पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उन्हें किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति मांगी है।
डॉक्टरों की निगरानी में हैं सोनम वांगचुक
VMMC और सफदरजंग अस्पताल की रविवार सुबह जारी मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, सोनम वांगचुक के सभी महत्वपूर्ण वाइटल साइन फिलहाल स्थिर हैं। हालांकि डॉक्टरों ने बताया कि लंबे समय तक उपवास के कारण उनके ब्लड पैरामीटर में कुछ बदलाव दर्ज किए गए हैं। इसी वजह से विशेषज्ञों की मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, वांगचुक पूरी तरह होश में हैं और उनका ब्लड प्रेशर, पल्स तथा ऑक्सीजन स्तर सामान्य सीमा में है, लेकिन लंबे उपवास के कारण उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी है।
पत्नी ने हाईकोर्ट में दाखिल की याचिका
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर उन्हें सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति मांगी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन उनकी स्वास्थ्य स्थिति की पूरी जानकारी साझा नहीं कर रहा और बार-बार अनुरोध के बावजूद स्वतंत्र मेडिकल जांच की अनुमति भी नहीं दी गई।
याचिका में कहा गया है कि अस्पताल का इलाज पूरी तरह पारदर्शी नहीं है और परिवार को वांगचुक की मेडिकल स्थिति के बारे में सीमित जानकारी दी जा रही है।
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
गीतांजलि आंग्मो ने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट के 16 जुलाई के आदेश का गलत इस्तेमाल करते हुए किसी मेडिकल इमरजेंसी के बिना ही जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने कहा कि विरोध स्थल से हटाए जाने के समय वांगचुक के जरूरी मेडिकल पैरामीटर स्थिर थे।
X पर जताई नाराजगी
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए पोस्ट में गीतांजलि आंग्मो ने आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल ने मेडिकल बुलेटिन में कुछ अहम स्वास्थ्य जानकारियां सार्वजनिक नहीं कीं। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी के कारण परिवार की आवाजाही सीमित हो गई है।
उनका कहना है कि किसी भी परिवार को अपने प्रियजन के इलाज के लिए अस्पताल चुनने के अधिकार के लिए संघर्ष नहीं करना चाहिए।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी
इस बीच जंतर-मंतर पर वांगचुक के समर्थकों का प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शनकारी संसद तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं, हालांकि दिल्ली पुलिस ने इसके लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया है।