बेंगलुरु में पीएम मोदी ने किया ‘ध्यान मंदिर’ का उद्घाटन, बोले- शताब्दी समारोह में फिर आऊंगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में आयोजित आर्ट ऑफ लिविंग के 45वें स्थापना दिवस समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग परिसर में बने विशेष ध्यान केंद्र ‘ध्यान मंदिर’ का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर भी मौजूद रहे।
दरअसल, आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव को विशेष रूप से मनाया जा रहा है। श्री श्री रविशंकर 13 मई को 70 वर्ष के हो जाएंगे। इसी अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी बेंगलुरु पहुंचे।
“शताब्दी समारोह में फिर आऊंगा” — पीएम मोदी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा,
“आज गुरुदेव के 70 वर्ष पूरे होने का यह विशेष अवसर है। जब शताब्दी समारोह होगा, तब मैं उसमें शामिल होने के लिए फिर आऊंगा। आज इस दिव्य और भव्य ध्यान मंदिर का लोकार्पण हुआ है। जब संकल्प स्पष्ट हो और सेवा भाव से कार्य किया जाए, तो हर प्रयास के सकारात्मक परिणाम मिलते हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरुदेव का आशीर्वाद और ‘लोटस’ की छत्रछाया देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा,
“आज की सुबह एक अलग अनुभूति लेकर आई है। बच्चों के वैदिक मंत्रों से स्वागत, भगवान गणेश के दर्शन और गुरुदेव के 70 वर्ष—ये पल हमेशा मेरी स्मृतियों में रहेंगे।”
“बेंगलुरु सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, आध्यात्मिक चेतना का भी केंद्र”
पीएम मोदी ने बेंगलुरु की सराहना करते हुए कहा कि यह शहर केवल सॉफ्टवेयर और सर्विस सेक्टर के लिए ही नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को नई ऊंचाई देने के लिए भी जाना जाता है।
उन्होंने कहा,
“कोई भी अभियान तब सफल होता है, जब समाज की शक्ति उससे जुड़ती है। मेरा हमेशा से विश्वास रहा है कि समाज राजनीति और सरकारों से भी अधिक शक्तिशाली होता है। राष्ट्र निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।”
युवा शक्ति और डिजिटल भारत पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और भारत इस परिवर्तन में नेतृत्व कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व कर रहा है और स्टार्टअप इकोसिस्टम में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है।
उन्होंने कहा,
“हमारे युवा आज अंतरिक्ष में अपनी सैटेलाइट भेज रहे हैं। भारत की इन उपलब्धियों के पीछे युवा शक्ति और आर्ट ऑफ लिविंग जैसी संस्थाओं का बड़ा योगदान है।”