ऑपरेशन टाइगर: उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका! 6 बागी सांसद आज कर सकते हैं बड़ा ऐलान, शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलें तेज
मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार का दिन बेहद अहम साबित हो सकता है। शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। सूत्रों के अनुसार, उद्धव ठाकरे गुट के छह बागी सांसद आज मुंबई में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं, जिसमें वे अपने अगले राजनीतिक कदम का खुलासा कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि ये सांसद लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे गए पत्र और उनसे हुई मुलाकात से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक कर सकते हैं। इसके साथ ही वे उन परिस्थितियों पर भी अपनी बात रख सकते हैं, जिनके चलते उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) से अलग होने का फैसला किया।
मुंबई में जुटेंगे सभी बागी सांसद
जानकारी के मुताबिक, बागी सांसदों में से दो सांसद चेन्नई, दो कोलकाता, एक पुणे और एक पहले से मुंबई में मौजूद हैं। सभी सांसद रविवार को मुंबई पहुंचकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इसके बाद उनकी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे से मुलाकात भी हो सकती है। जरूरत पड़ने पर सांसद दोबारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी संपर्क कर सकते हैं।
दलबदल कानून से बचने की रणनीति?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन सांसदों ने पहले ही लोकसभा अध्यक्ष को अलग समूह के रूप में अपनी स्थिति से अवगत करा दिया है। ऐसे में दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की संभावना सीमित हो सकती है। यदि सांसद सीधे तौर पर पार्टी छोड़ने की घोषणा करते, तो शिवसेना (यूबीटी) उनकी सदस्यता समाप्त करने की मांग कर सकती थी। यही कारण माना जा रहा है कि इन सांसदों ने हाल ही में शिवसेना स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी सार्वजनिक रूप से किसी नए राजनीतिक कदम का ऐलान नहीं किया था।
उद्धव गुट ने जारी किया कारण बताओ नोटिस
शिवसेना (यूबीटी) संसदीय दल की बैठक में अनुपस्थित रहने के बाद पार्टी ने सभी छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सांसदों से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठा सकती है।
कौन हैं बागी सांसद?
जिन सांसदों के नाम इस घटनाक्रम में सामने आए हैं, उनमें नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं। ये सभी हाल ही में उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं हुए थे, जिसके बाद से उनके अलग होने की अटकलें तेज हो गई थीं।
सुरक्षा बढ़ाई गई
महाराष्ट्र सरकार के खुफिया विभाग ने इन सांसदों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि संभावित राजनीतिक घटनाक्रम को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब सभी की नजर मुंबई में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी है, जहां ये सांसद अपने राजनीतिक भविष्य और उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने की वजहों पर खुलकर बात कर सकते हैं।