नोएडा–गाजियाबाद में न्यूनतम मजदूरी बढ़ी, श्रमिकों को बड़ी राहत
नोएडा में श्रमिकों के प्रदर्शन के बीच Government of Uttar Pradesh ने न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का फैसला लिया है। अलग-अलग श्रेणियों में वेतन में लगभग 3,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है। यह संशोधन एक उच्च-स्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर किया गया है और नया आदेश 1 अप्रैल से लागू माना जाएगा।
सरकार ने सभी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे तय मानकों के अनुसार ही कर्मचारियों को वेतन दें।
नोएडा और गाजियाबाद में नई मजदूरी दरें
सरकारी आदेश के अनुसार, Noida (गौतमबुद्धनगर) और Ghaziabad में श्रमिकों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है—
- अकुशल श्रमिक: ₹11,313 से बढ़कर ₹13,690
- अर्धकुशल श्रमिक: ₹12,445 से बढ़कर ₹15,059
- कुशल श्रमिक: ₹13,940 से बढ़कर ₹16,868
इन राशियों में महंगाई भत्ता भी शामिल है।
नगर निगम वाले जिलों के लिए नई दरें
प्रदेश के जिन जिलों में नगर निगम हैं, वहां—
- अकुशल श्रमिक: ₹11,313 से बढ़कर ₹13,006
- अर्धकुशल श्रमिक: ₹12,445 से बढ़कर ₹14,306
- कुशल श्रमिक: ₹13,940 से बढ़कर ₹16,025
अन्य जिलों के लिए वेतन
अन्य जिलों में—
- अकुशल श्रमिक: ₹11,313 से बढ़कर ₹12,356
- अर्धकुशल श्रमिक: ₹12,445 से बढ़कर ₹13,591
- कुशल श्रमिक: ₹13,940 से बढ़कर ₹15,224
₹20,000 वेतन की खबर को बताया गलत
सरकार ने स्पष्ट किया है कि न्यूनतम वेतन ₹20,000 करने की खबरें भ्रामक और झूठी हैं। बताया गया कि Government of India द्वारा नई श्रम संहिताओं के तहत राष्ट्रीय स्तर पर “फ्लोर वेज” तय करने की प्रक्रिया अभी जारी है।
इस पहल का उद्देश्य पूरे देश में न्यूनतम वेतन की एक समान आधार रेखा तय करना है, ताकि सभी राज्यों के श्रमिकों को न्यायसंगत पारिश्रमिक मिल सके। राज्य सरकार इस संबंध में नियोक्ता और श्रमिक संगठनों से लगातार विचार-विमर्श कर रही है।