TMC में बड़ी बगावत! 20 सांसदों ने ओम बिरला को लिखा पत्र, NDA में शामिल होने की चर्चा तेज
नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक भूचाल देखने को मिल रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के भीतर जारी असंतोष अब दिल्ली तक पहुंच गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 से अधिक सांसदों द्वारा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखे जाने की खबर ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों का दावा है कि ये सांसद अलग राजनीतिक गुट बनाने या भाजपा नेतृत्व वाले NDA को समर्थन देने पर विचार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, TMC के 20 से ज्यादा सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को एक पत्र सौंपा है। इस पत्र के सामने आने के बाद पार्टी के भीतर बगावत की अटकलें तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि सांसदों का यह समूह लोकसभा में अलग ब्लॉक बनाने की तैयारी में है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि संख्या बल के आधार पर ये सांसद नई राजनीतिक राह चुन सकते हैं।
NDA को समर्थन देने की अटकलें तेज
इस बीच TMC सांसद काकोली घोष दस्तीदार का एक बयान भी चर्चा में है। उन्होंने कथित तौर पर दावा किया है कि करीब 20 सांसद भाजपा के नेतृत्व वाले NDA को समर्थन देने के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि बंगाल के राजनीतिक हालात को देखते हुए भविष्य की राजनीति NDA के साथ जुड़कर ही तय की जा सकती है। हालांकि इस पूरे मामले पर पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दिल्ली में बागी सांसदों की गुप्त बैठक
बताया जा रहा है कि TMC के कुछ असंतुष्ट सांसदों ने दिल्ली में एक अनौपचारिक और गुप्त बैठक भी की, जिसमें लगभग 20 सांसद शामिल हुए। सूत्रों के मुताबिक, रविवार को हुई इस बैठक के बाद सोमवार को भी कुछ सांसद संपर्क में रहे और दिल्ली स्थित एक केंद्रीय सरकारी कार्यालय में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई।
दिलचस्प बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंची हुई हैं। माना जा रहा था कि वह दिल्ली में पार्टी सांसदों की स्थिति का जायजा लेंगी, लेकिन इससे पहले ही बगावत की खबरों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
पहले विधायकों ने भी दिखाए थे बगावती तेवर
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के बाद TMC के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। हाल ही में पार्टी के विधायक दल में भी बड़ा राजनीतिक संकट देखने को मिला था, जब 58 विधायकों ने विपक्ष के नेता पद के लिए ऋतब्रता बनर्जी का समर्थन किया और पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार शोवनदेब चट्टोपाध्याय को नकार दिया। इसे ममता बनर्जी के नेतृत्व के लिए बड़ा झटका माना गया था।
अब सांसदों की कथित बगावत ने यह साफ संकेत दे दिया है कि TMC के भीतर सबकुछ सामान्य नहीं है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।