भारत-इंडोनेशिया रिश्तों को नई मजबूती: रक्षा, समुद्री सुरक्षा और व्यापार समेत 19 अहम समझौतों पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के रिश्तों को नई मजबूती मिली है। मंगलवार को इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रोटोकॉल से हटकर स्वयं प्रेसीडेंशियल पैलेस में पीएम मोदी की अगवानी की। इस दौरान प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
स्वागत समारोह के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई। बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त बयान जारी किया और रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, खनिज, कृषि, डिजिटल तकनीक, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
रक्षा और सामरिक सहयोग को मिला नया आयाम
बैठक में इंडोनेशियाई सैन्य बलों को भारत निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली उपलब्ध कराने पर सहमति बनी। इसके अलावा इंडोनेशिया ने भारत से ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल खरीदने का भी निर्णय लिया है। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने, हिंद महासागर क्षेत्र में समन्वय बढ़ाने तथा महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को सुदृढ़ करने पर भी सहमति व्यक्त की।
भारत और इंडोनेशिया ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सबांग बंदरगाह के संयुक्त विकास का फैसला भी किया है। यह बंदरगाह मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है और भारत की ग्रेट निकोबार बंदरगाह परियोजना के लिए सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इन क्षेत्रों में हुए अहम समझौते
दोनों देशों के बीच कुल 19 महत्वपूर्ण समझौते और सहमति पत्र (MoU) हुए, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी में सहयोग।
- समुद्री सुरक्षा एवं संरक्षा सहयोग को विस्तार।
- रेयर अर्थ मैग्नेट के विकास पर त्रिपक्षीय समझौता।
- ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली पर सहयोग।
- एयर-टू-एयर ‘अस्त्र’ मिसाइल सहयोग।
- इंडोनेशिया में स्टेनलेस स्टील स्लैब निर्माण के लिए SAIL और क्राकाताउ स्टील के बीच संयुक्त उद्यम।
- अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग का विस्तार।
- योग्याकार्ता स्थित प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार में भारत का सहयोग।
- कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में सहयोग।
- मेडिकल उत्पादों के नियमन के क्षेत्र में सहयोग।
- आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच समझौता।
- दूरसंचार तकनीक एवं सेवाओं में सहयोग।
- रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को बढ़ावा।
- स्वास्थ्य क्षेत्र में मानव संसाधन सहयोग।
- IFC-IOR में इंडोनेशियाई संपर्क अधिकारी की नियुक्ति।
- इंडोनेशिया को 100 टन उच्च गुणवत्ता वाले DWR-162 गेहूं के बीज की आपूर्ति।
- ‘टैगोर-देवान्तारा वर्ष’ के तहत सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन।
- इंडोनेशिया के सिंघासारी SEZ में आईआईएम बेंगलुरु का कैंपस स्थापित करने की पहल।
- ONDC और इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (ION) के बीच डिजिटल कॉमर्स सहयोग।
- भारत के चुनाव आयोग और इंडोनेशिया के जनरल इलेक्शन कमीशन के बीच चुनावी सहयोग संबंधी समझौता।
आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी होगी मजबूत
विशेषज्ञों का मानना है कि इन समझौतों से भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा, व्यापार, तकनीक, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी। साथ ही महत्वपूर्ण खनिजों, डिजिटल अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्र में भी दोनों देशों के संबंध और अधिक मजबूत होंगे।