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ब्रिक्स विस्तार पर सकारात्मक और खुले मन से विचार करेगा भारतः विदेश सचिव

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने आज कहा कि दुनिया की पांच उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों के समूह ब्रिक्स के विस्तार को लेकर भारत सकारात्मक और खुले मन से विचार करेगा। वर्तमान में विस्तार की रूपरेखा, स्वरूप और उद्देश्य को लेकर ब्रिक्स में चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि कई देश ब्रिक्स विस्तार का हिस्सा बनना चाहते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय (22-24 अगस्त) यात्रा पर जोहान्सबर्ग (दक्षिण अफ्रीका) जायेंगे। 2019 के बाद पहला मौका होगा, जब ब्रिक्स नेता व्यक्तिगत तौर पर सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद 25 अगस्त को प्रधानमंत्री ग्रीस का आधिकारिक दौरा करेंगे। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने आज एक विशेष पत्रकार वार्ता में यात्रा के स्वरूप की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि शिखर सम्मेलन ब्रिक्स की ओर से शुरू की गई पहलों की प्रगति की समीक्षा और भविष्य की गतिविधियों के लिए नए क्षेत्रों की पहचान करने का अवसर प्रदान करेगी। ब्रिक्स गठबंधन आपसी सहयोग पर आधारित है। इसमें आर्थिक सहयोग सम्मिलित है। आर्थिक सहयोग का स्वरूप विशेषज्ञों का विषय है और वे इस पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि ब्रिक्स में भारत के अलावा चीन, दक्षिण अफ्रीका, रूस और ब्राजील हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बैठक में शामिल होंगे। रूस के राष्ट्रपति सम्मेलन में वर्चुअली शामिल होंगे और उनके स्थान पर विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव शिरकत करेंगे।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय बैठकों के विषय पर क्वात्रा ने कहा कि सम्मेलन में कई नेता आमंत्रित हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के द्विपक्षीय मुलाकातों को लेकर अभी भी चर्चाएं जारी हैं। जैसे ही इस बारे में अपडेट मिलता है, वह मीडिया को जानकारी देंगे। ब्रिक्स देशों के लिए एक मुद्रा में व्यापार के विषय पर क्वात्रा ने कहा कि वर्तमान में देशों की अपनी मुद्रा में व्यापार करने पर ही विचार चल रहा है।

प्रधानमंत्री ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद आयोजित होने वाले एक विशेष कार्यक्रम ‘ब्रिक्स – अफ्रीका आउटरीच और ब्रिक्स प्लस डायलॉग’ में भी भाग लेंगे। इसमें दक्षिण अफ्रीका द्वारा आमंत्रित अन्य देश भी शामिल होंगे। अपनी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री जोहान्सबर्ग में मौजूद कुछ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।

दक्षिण अफ्रीका की अपनी यात्रा के बाद प्रधानमंत्री 25 अगस्त को ग्रीस की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली ग्रीस यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री मित्सोटाकिस के साथ दोनों देशों के बीच संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।

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