Cocktail 2 Review: शाहिद, रश्मिका और कृति की लव स्टोरी में नहीं दिखा ‘कॉकटेल’ वाला जादू
नई दिल्ली: शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन स्टारर फिल्म ‘कॉकटेल 2’ आखिरकार 19 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। लंबे समय से चर्चा में रही यह फिल्म साल 2012 में आई सुपरहिट फिल्म ‘कॉकटेल’ का सीक्वल है। इस बार निर्देशन की कमान होमी अदजानिया ने संभाली है, जबकि फिल्म का निर्माण मैडॉक फिल्म्स के बैनर तले किया गया है।
कैसी है फिल्म की कहानी?
फिल्म की शुरुआत शाहिद कपूर और रश्मिका मंदाना के किरदारों से होती है, जो लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे हैं। दोनों का रिश्ता सामान्य चल रहा होता है, लेकिन शाहिद की एक हरकत रश्मिका के मन में शक पैदा कर देती है। इसी बीच कहानी में एंट्री होती है कृति सेनन की, जो रश्मिका की पुरानी दोस्त के किरदार में नजर आती हैं। कई वर्षों बाद दोनों दोस्तों की मुलाकात इटली के खूबसूरत द्वीप सिसिली में होती है और यहीं से कहानी नया मोड़ लेती है। रश्मिका अपने रिश्ते को लेकर असमंजस में है और वह कृति से शाहिद की वफादारी की परीक्षा लेने के लिए कहती है। शुरुआत में यह एक मजाकिया चुनौती लगती है, लेकिन धीरे-धीरे यही पूरी कहानी का केंद्र बन जाती है।
पहले हाफ में लॉयल्टी टेस्ट का खेल
फिल्म का पहला भाग पूरी तरह रिश्तों, भरोसे और वफादारी की परीक्षा के इर्द-गिर्द घूमता है। शाहिद और कृति के बीच बढ़ती नजदीकियां कहानी में ट्विस्ट लाने की कोशिश करती हैं। हालांकि कई जगहों पर घटनाक्रम अनुमानित लगता है और कहानी अपेक्षित प्रभाव छोड़ने में संघर्ष करती नजर आती है।
दूसरे हाफ में भटकती दिखती है कहानी
इंटरवल के बाद फिल्म रिश्तों की जटिलताओं और भावनात्मक उलझनों को सामने लाने की कोशिश करती है। कृति सेनन का किरदार लगातार शाहिद को प्यार, सही फैसलों और जीवन की प्राथमिकताओं का पाठ पढ़ाता नजर आता है। हालांकि कहानी जिस दिशा में आगे बढ़ती है, वहां लॉयल्टी टेस्ट का कॉन्सेप्ट धीरे-धीरे भावनात्मक ब्लैकमेल, प्रतिस्पर्धा और भ्रम का रूप ले लेता है। निर्देशक जिस संदेश को दर्शकों तक पहुंचाना चाहते हैं, वह कई जगहों पर स्पष्ट नहीं हो पाता और फिल्म अपनी मूल भावना से भटकती हुई महसूस होती है।
अभिनय कैसा है?
शाहिद कपूर अपने किरदार में सहज नजर आते हैं और कई भावनात्मक दृश्यों में प्रभाव छोड़ते हैं। रश्मिका मंदाना ने अपने रोल को ईमानदारी से निभाया है, जबकि कृति सेनन फिल्म के दूसरे हिस्से में सबसे ज्यादा स्क्रीन प्रेजेंस हासिल करती हैं। तीनों कलाकारों के बीच केमिस्ट्री अच्छी है, लेकिन कमजोर पटकथा उनकी मेहनत को पूरी तरह उभार नहीं पाती।
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
होमी अदजानिया ने आधुनिक रिश्तों और कमिटमेंट की जटिलताओं को दिखाने की कोशिश की है, लेकिन पटकथा कई जगह ढीली पड़ती है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और सिसिली के खूबसूरत लोकेशन आंखों को सुकून देते हैं। संगीत और बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म के मूड को सपोर्ट करते हैं।
फैसला
‘कॉकटेल 2’ रिश्तों, भरोसे और प्यार की जटिलताओं पर आधारित एक रोमांटिक ड्रामा है, लेकिन यह अपने पूर्ववर्ती ‘कॉकटेल’ जैसा प्रभाव पैदा करने में सफल नहीं हो पाती। शानदार स्टारकास्ट और खूबसूरत लोकेशंस के बावजूद फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले कमजोर कड़ी साबित होते हैं।