सभी दिशाओं से ज्ञान को आने के लिए अपने मस्तिष्क
हमें दो कदम आगे सोचने की आदत डालनी होगी, अपनी दृष्टि को विस्तार देना होगा। ‘आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वत:’ अर्थात…सभी दिशाओं से ज्ञान को आने के लिए अपने मस्तिष्क को खुला रखिए। ये भी देखें …https://ataltv.com/up-state-forensic-science-institute-to-be-established-as-world-class-institute/….UP राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान को World Class Institute के रूप में करना है स्थापित … फोर्स में एक बात कही जाती है… ट्रेनिंग के दौरान जितना परिश्रम करके व्यक्ति पसीना बहाएगा, उतना युद्ध भूमि में […]Read More






