हमीरपुर समेत समूचे बुन्देलखंड क्षेत्र में सावन मास में झूला झूलने और आल्हा गायन की परम्परा आज भी जीवन्त है। यहां एक गांव में प्राचीन रामजानकी मंदिर में नागपंचमी से सावन मास की पूर्णिमा तक दस दिनों तक झूला महोत्सव की सैकड़ों साल पुरानी परम्परा आज भी कायम है। सोमवार से गांव में झूला महोत्सव में श्रीकृष्ण को गांव की महिलाएं सामूहिक रूप से झूला झुलाएगी। इसके लिए तैयारियां भी पूरी हो गई है। बुन्देलखंड […]Read More
अंतिम सोमवार 04 सितंबर को, कांवड़ यात्रा बेनूर के सिरपुर
जिले में रामनवमीं आयोजन समिति नारायणपुर और बोल बम समिति बेनूर के सदस्यों द्वारा प्रतिवर्ष सावन माह के अंतिम सोमवार को कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस वर्ष मलमास के कारण 08 सावन सोमवार हुए, इसलिए समिति के सदस्यों ने सातवें सावन सोमवार को कांवड़ यात्रा के आयोजन का निर्णय लिया था। इसी दिन शहर के दो शिवालयों गौरवपथ पर स्थित शिवालय और शीतला मंदिर के समीप स्थित शिवालय में प्राण प्रतिष्ठा […]Read More
विंध्य नगरी में उमड़ा कांवरियों का रेला, गूंजे बोल बम
हाथ में कांवड़, मुख से बोलबम का जयकारा, मंजिल देवघर और ध्यान बाबा का। सावन माह में कांवर यात्रा या डाक बम की दौड़ देखते ही बनती है। नंगे पांव, जमीन पर लेटकर और दौड़ते हुए बाबा धाम जाकर जलाभिषेक करना एक बड़ी ख्याति प्राप्त मान्यता है। शनिवार को कांवड़ यात्रा में शहर हो या रेलवे स्टेशन अथवा हाई-वे पूरा वातावरण शिवमय नजर आया। भगवान शिव का जयकारा लगाते हुए कंधे पर कांवड़ में गंगा […]Read More
बांकेबिहारी जी ने स्वर्ण रजत झूले में विराजमान होकर भक्तों
हरियाली तीज का पर्व श्रीकृष्ण की नगरी में बड़े ही धूमधाम और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। बांके बिहारी मंदिर में भगवान बांके बिहारी 20 किलो सोना और 100 किलो चांदी से बने झूले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। वहीं, दक्षिण भारतीय शैली के रंगनाथ मंदिर में शाम को भगवान गोदा रंगमन्नार चांदी के झूले में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं को लाइन में […]Read More
शिव भक्ति के पावन महीना सावन में मलमास (अधिक मास) समाप्त होते ही मिथिला और मगध के संगम स्थल सिमरिया सहित विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब लगातार उमड़ रहा है। गर्मी के बावजूद अहले सुबह से ही लोग तमाम घाटों पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास की डुबकी लगा रहे हैं। सबसे अधिक भीड़ सिमरिया धाम एवं झमटिया घाट पर जुटी हुई है। जहां सिर्फ बेगूसराय ही नहीं, मिथिला और मगध से लेकर नेपाल […]Read More






