अरविंद केजरीवाल और केंद्र सरकार के मध्य विवाद कभी सुलझते नहीं। एक सुलझता है, तो दूसरा खड़ा हो जाता है। विवाद भी ऐसे, जिन्हें जानकर या सुनकर कोई भी इंसान थोड़ी देर के लिए अचरज में पड़ जाए। ऐसा ही एक नया विवाद इस वक्त दिल्ली में खड़ा हो चुका है। केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच ‘झांकी’ को लेकर तनातनी हो गयी है। विवाद दरअसल ये है कि आगामी गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी […]Read More
केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद लखनऊ और अयोध्या की यात्रा पर आए। सनातन चिंतन से संबंधित कार्यक्रमों में सहभागी हुए। सनातन ग्रंथों के संबंध में उनका ज्ञान विलक्षण है। श्लोकों का धाराप्रवाह उल्लेख करते हैं। उनकी व्याख्या करते हैं। वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता प्रमाणित करते हैं। उनका स्पष्ट मानना है कि सनातन चिंतन पर अमल से भारत एक बार फिर विश्वगुरु बन सकता है। इसके आधार पर सामाजिक समरसता और सौहार्द की स्थापना हो […]Read More
मिर्जा मोहम्मद असादुल्लाह बेग खान यानी मिर्जा गालिब एक से बढ़कर एक कालजयी शेर कहते हैं। कौन सा हिन्दुस्तानी होगा जिन्हें गालिब साहब के कहे “हजारों ख्वाहिशें ऐसीं, कि हर ख्वाहिश पर दम निकले, बहुत निकले मेरे अरमान लेकिन फिर भी कम निकले…” और “हमको मालूम है जन्नत की हकीकत, लेकिन, दिल के खुश रखने को ‘गालिब’ ये खयाल अच्छा है…” जैसे शेरों को सुन-सुनकर आनंद न मिलता हो। गालिब अपनी शायरी में वे सारे […]Read More
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट दोनों ही नेताओं को कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान की राजनीति से बाहर भेज दिया है। अब राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति में नए लोगों को आगे लाने की कवायद प्रारंभ हो गई है। पिछले लंबे समय से राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति अशोक गहलोत व सचिन पायलट के इर्द-गिर्द ही घूम रही थी। दोनों नेताओं में चल रही आपसी खींचतान के चलते राजस्थान में कांग्रेस को […]Read More
मुगल काल में उनके उत्पीड़न से त्रस्त लोगों को नेतृत्व करने वाले किसान रामकी चाहर और भरतपुर के किसान राजाराम के संघर्षों को लेकर आगरा के वरिष्ठ पत्रकार डॉ सुरेंद्र सिंह की पुस्तक ‘सम्राट की कब्र’ (कहानी रामकी चाहर की) बाजार में आ गई है। इस पुस्तक में करीब 350 साल पहले के एक ऐतिहासिक घटनाक्रम को दर्शाया गया है। यह घटना यह प्रमाणित करती है कि मुगलकाल में ब्रज क्षेत्र के किसानों को दबाया […]Read More






