देश में लोकसभा चुनाव होने जा रहे हैं । ऐसे में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार शांति से मतदान सम्पन्न हों, इसके लिए अपने अथक प्रयास करती हुए नजर आ रही है, जिसमें कि छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र राज्यों से लगे सीमावर्ती जिलों में नक्सली गतिविधि पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए कठोर कार्रवाई शुरू है। इसी का यह परिणाम है कि मध्य प्रदेश में या तो नक्सली मारे जा रहे हैं या फिर उन्हें राज्य […]Read More
कोई चाहे तो बांग्लादेश के विपक्ष से एहसान फरामोशी सीख सकता है। जिस भारत ने बांग्लादेश को, या यूँ कहें कि 1970 तक पूर्वी पाकिस्तान की प्रताड़ित और पीड़ित आम जनता के हितों की रक्षा के लिए पाकिस्तान से युद्ध मोल लिया, उस बांग्लादेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) लगातार भारत के खिलाफ जहर उगलती रहती है। उसके जहरीले अभियान से पड़ोसी मुल्क के कठमुल्लों को भी भारत और अपने ही बांग्लादेश […]Read More
‘मूर्ख दिवस’ मनाने की परम्परा कब, कैसे और कहां प्रचलित हुई, इस बारे में दावे के साथ तो कुछ नहीं कहा जा सकता पर माना यही जाता है कि इस परम्परा की शुरूआत फ्रांस में 16वीं सदी के उत्तरार्द्ध में हुई थी। माना जाता है कि एक अप्रैल 1564 को फ्रांस के राजा ने मनोरंजक बातों के जरिये एक-दूसरे के बीच मैत्री और प्रेम भाव की स्थापना के लिए एक सभा का आयोजन कराया था। […]Read More
हमारे देश में विविध पर्व-त्योहारों को मनाने के पीछे वैज्ञानिक सोच व तत्व-दर्शन निहित है। होली के एक सप्ताह बाद मनाये जाने वाले शीतलाष्टमी त्योहार पर शीतला माता का पूजन कर व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि माता के पूजन से चेचक, खसरा जैसे संक्रामक रोगों का मुक्ति मिलती है। चूंकि ऋतु-परिवर्तन के दौरान इस समय संक्रामक रोगों के प्रकोप की काफी आशंका रहती है। इसलिए इन रोगों से बचाव के लिए श्रद्धालु शीतलाष्टमी […]Read More
दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के लोकसभा चुनाव में अब लगभग साफ हो गया है कि सत्ता की चाबी युवा मतदाताओं के हाथ में ही रहने वाली है। यह बात राजनीतिक दलों को भी समझ में आ गई है। यही कारण है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दलों द्वारा युवाओं को रिझाने के हरसंभव प्रयास किये जा रहे हैं। दरअसल युवा मतदाताओं की मुखरता ही चुनाव परिणामों में परिलक्षित होती है। साफ है कि लोकसभा के […]Read More






