अभी कुछ ही दिन पहले यूएन में ‘इस्लामोफोबिया’ पर प्रस्ताव लाया गया है। जिसमें पूरी दुनिया से यह कहा गया कि ‘इस्लाम से नफरत’ करने वालों पर अपने देशों में सख्त कदम उठाएं। कहा जा रहा था कि इस्लाम का आतंकवाद से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं । इस्लाम तो शांति का मजहब है, वह तो आपसी प्रेम और भाईचारे में विश्वास रखता है और अब इनका ये प्रेम देखिए कि जिसे ये रमजान का […]Read More
हमारी भारतीय जनता पार्टी का इतिहास भारतीय जनसंघ से जुड़ा है। जनसंघ की नींव श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने रखी थी। स्वतंत्रता के बाद पंडित जवाहर लाल नेहरू की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सम्मिलित रहे थे किंतु नेहरू-लियाकत समझौते का विरोध एवं पंडित नेहरू की मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के विरोध में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी ने 19 अप्रैल 1950 को केंद्रीय उद्योग मंत्री के पद से […]Read More
साल 1980 में स्थापना के बाद 1984 के आम चुनाव में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसदीय चुनाव लड़ा। इस चुनाव में भाजपा के मेनिफेस्टो यानी घोषणा पत्र का शीर्षक था, ‘टुवर्डस न्यू पॉलिटी’ यानी नई राजनीति की ओर। घोषणा पत्र वह दस्तावेज होता है जो चुनाव लड़ने वाले सभी राजनीतिक दल जारी करते हैं। इसमें वे जनता के सामने अपने वादे रखते हैं। इसके जरिए बताते हैं कि वे चुनाव जीतने के […]Read More
देश के राजनीतिक इतिहास में छह अप्रैल का दिन खास अहमियत रखता है। “अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा ” भारतीय जनता पार्टी के पहले अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी ने आज ही के दिन, 1980 में यानी 44 साल पहले, पार्टी की स्थापना के समय ये शब्द कहे थे। शायद उन्होंने यह बात पार्टी के कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए कही होगी लेकिन उस समय पार्टी कार्यकर्ताओं या फिर विपक्षी दलों में शायद ही […]Read More
कोडाइकनाल सौर वेधशाला ने सूर्य के अध्ययन के 125 वर्ष पूरे कर लिए। इसका उत्सव (वर्षगांठ) पहली अप्रैल को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान ने मनाया। इस दौरान कोडाइकनाल सौर वेधशाला के इतिहास का स्मरण किया गया। वैज्ञानिकों का अभिनंदन कर इसकी विरासत का सम्मान किया गया। कोडाइकनाल सौर वेधशाला देश में खगोल विज्ञान के लिए प्रमुख और बड़ी उपलब्धि है। इस वेधशाला में 20वीं सदी की शुरुआत से […]Read More






