कनाडाई पीएम मार्क कार्नी भारत पहुंचे: मुंबई से शुरू हुई यात्रा, पीएम मोदी से 2 मार्च को होगी मुलाकात; संबंधों में नई शुरुआत
- 2 मार्च को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी।
- यह 2025 में कनानास्किस और जोहान्सबर्ग में हुई पिछली चर्चाओं का अनुवर्ती होगा।
- वार्ता में ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, अनुसंधान, ट्रेड, एआई, न्यूक्लियर एनर्जी, क्वांटम कंप्यूटिंग और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा होगी।
- भारत-कनाडा सीईओ फोरम के माध्यम से सरकारी नीतियों को निजी क्षेत्र के हितों से जोड़ने पर जोर रहेगा।
- व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू होगी, जिसे नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है।
संबंधों में बदलाव का संकेतपिछले कुछ वर्षों में जस्टिन ट्रूडो सरकार के दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों में “तीव्र गिरावट” आई थी। खालिस्तानी अलगाववाद से जुड़े आरोपों के कारण राजनयिक गतिरोध, अधिकारियों का पारस्परिक निष्कासन और तनाव चरम पर पहुंच गया था।लेकिन मार्क कार्नी के नेतृत्व में ओटावा का रुख बदला है। वरिष्ठ कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब वे भारत को कनाडा में किसी अपराध से जुड़ा नहीं मानते। यह दौरा संबंधों में “रीसेट” और “नई शुरुआत” का प्रतीक है। कार्नी की यह यात्रा कनाडा की “मिडिल पावर्स” रणनीति का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका पर निर्भरता कम करने और नए बाजारों (जैसे भारत) से जुड़ने पर फोकस है।कार्नी की यह पहली भारत यात्रा है, जो ट्रेड डाइवर्सिफिकेशन, निवेश आकर्षण और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले दिनों में कई बड़े समझौतों की उम्मीद है।