पवन खेड़ा केस: सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर लगाई रोक, नोटिस जारी
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के खिलाफ असम सरकार की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें खेड़ा को राहत दी गई थी।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ
मामले की सुनवाई के दौरान असम सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि कथित अपराध असम में हुआ और एफआईआर भी वहीं दर्ज है, ऐसे में तेलंगाना हाई कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने पर सवाल उठता है। उन्होंने कोर्ट से तेलंगाना हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की।
इस पर सुप्रीम कोर्ट ने भी टिप्पणी करते हुए पूछा कि आरोपी असम हाई कोर्ट का रुख क्यों नहीं कर रहे हैं।
कोर्ट ने जारी किया नोटिस
जस्टिस जे. के. महेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदूरकर की पीठ ने पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही, तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी गई है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पवन खेड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा की पत्नी रिनिकी भूयान सरमा के पास तीन अलग-अलग देशों के पासपोर्ट हैं, जिनमें एक मुस्लिम देश का भी पासपोर्ट शामिल है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उनकी विदेशों में अघोषित संपत्तियां हैं।
इन आरोपों के बाद रिनिकी भूयान सरमा ने गुवाहाटी में एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले की जांच के तहत असम पुलिस पवन खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास तक पहुंची थी। इसके बाद खेड़ा ने तेलंगाना हाई कोर्ट से जमानत हासिल की थी, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है।
आगे क्या
अब इस मामले में पवन खेड़ा को सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखना होगा। तीन सप्ताह बाद अगली सुनवाई में इस केस की दिशा और स्पष्ट होगी।