Alpha Review: आलिया भट्ट, बॉबी देओल और शरवरी वाघ की ‘अल्फा’ निराशाजनक, स्पाई यूनिवर्स फिल्म फीकी साबित
नई दिल्ली: यश राज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘अल्फा’ 3 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म को लेकर लंबे समय से दर्शकों में काफी उत्साह था, खासकर ट्रेलर में दिखे कथित कैमियो और बड़े स्टारकास्ट की वजह से उम्मीदें और बढ़ गई थीं। लेकिन रिलीज के बाद फिल्म को मिली-जुली नहीं बल्कि ज्यादातर निराशाजनक प्रतिक्रिया मिल रही है। आलिया भट्ट, शरवरी वाघ, बॉबी देओल और अनिल कपूर स्टारर इस फिल्म का निर्देशन शिव रवैल ने किया है।
कहानी: मजबूत शुरुआत, कमजोर निष्पादन
फिल्म की कहानी 1999 के कारगिल युद्ध के बाद की घटनाओं से शुरू होती है, जहां एक सैन्य टुकड़ी से केवल दो लोग बचते हैं—अनिल कपूर और बॉबी देओल। कहानी में “अल्फा” नाम के एक खतरनाक प्रोजेक्ट और सुपर-सोल्जर्स तैयार करने की योजना दिखाई गई है। आगे कहानी कई मोड़ों से गुजरती है, जिसमें आलिया भट्ट के किरदार की भूमिका, मिशन “ओडिसी” और अन्य घटनाएं शामिल हैं। हालांकि, फिल्म की कहानी को कमजोर और उलझी हुई बताया जा रहा है, जिससे दर्शकों को स्पष्टता नहीं मिल पाती।
निर्देशन: कच्चा और असंगठित
निर्देशक शिव रवैल पर आरोप है कि उन्होंने स्पाई यूनिवर्स जैसी बड़ी फ्रेंचाइजी के स्तर के अनुरूप प्रस्तुति नहीं दी। फिल्म में एक्शन, कहानी और इमोशन के बीच संतुलन की कमी साफ दिखाई देती है। कई सीन और टाइमलाइन भी भ्रम पैदा करते हैं।
अभिनय: बॉबी देओल का असरदार प्रदर्शन
फिल्म में बॉबी देओल के अभिनय को सबसे मजबूत पक्ष माना जा रहा है। उनके किरदार को प्रभावी और दमदार बताया गया है। वहीं आलिया भट्ट कुछ दृश्यों में प्रभावी नजर आती हैं, लेकिन पूरे फिल्म में उनका किरदार अस्थिर लगता है। शरवरी वाघ के अभिनय को भी औसत बताया गया है, जबकि अनिल कपूर का किरदार सीमित लेकिन एक जैसा प्रभाव छोड़ता है। फिल्म में ऋतिक रोशन का कैमियो भी है, जिसे दर्शकों के लिए खास प्रभावी नहीं माना गया।
एक्शन और स्पाई यूनिवर्स का असर फीका
फिल्म में एक्शन और स्पाई यूनिवर्स का वह स्तर नजर नहीं आता, जिसके लिए यश राज फिल्म्स की यह फ्रेंचाइजी जानी जाती है। डायलॉग्स को भी ज्यादा ड्रामेटिक और ओवर-द-टॉप बताया गया है।