• July 3, 2026

Gold-Silver Price: कमजोर डॉलर और अमेरिकी जॉब डेटा से सोना-चांदी में जोरदार उछाल, जानिए आगे क्या है एक्सपर्ट की राय

नई दिल्ली: जुलाई की शुरुआत के साथ ही सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेज उछाल देखने को मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का असर घरेलू वायदा बाजार (MCX) पर भी साफ दिखाई दिया। कमजोर अमेरिकी जॉब डेटा, डॉलर में गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदली उम्मीदों ने कीमती धातुओं की कीमतों को मजबूती दी है। कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट और केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, मौजूदा तेजी के पीछे वैश्विक आर्थिक संकेतक प्रमुख वजह हैं और आने वाले दिनों में बाजार की दिशा इन्हीं कारकों पर निर्भर करेगी।

आज के ताजा भाव

3 जुलाई 2026 को खबर लिखे जाने तक एमसीएक्स पर सोना 1,748 रुपये की तेजी के साथ 1,47,504 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। वहीं, चांदी 4,000 रुपये की बढ़त के साथ 2,37,334 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना करीब 4,194 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करता दिखा।

क्यों आई सोने-चांदी में तेजी?

1. डॉलर में कमजोरी

अजय केडिया के अनुसार, डॉलर और सोने के बीच आमतौर पर उल्टा संबंध होता है। डॉलर इंडेक्स के 101 के स्तर से नीचे आने के बाद निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की ओर बढ़ा, जिससे कीमतों को मजबूती मिली।

2. अमेरिकी रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर

जून महीने में अमेरिका में केवल 57,000 नई नौकरियां जुड़ने की खबर ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार को लेकर चिंता बढ़ा दी। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों जैसे सोना और चांदी में निवेश बढ़ाते हैं।

3. फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर उम्मीद

बाजार में यह संभावना बढ़ी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा। ब्याज दरें स्थिर रहने या कम बढ़ने की उम्मीद से सोने की मांग को समर्थन मिलता है।

आगे कहां तक जा सकती हैं कीमतें?

अजय केडिया के अनुसार, एमसीएक्स पर सोने के लिए 1,43,000 रुपये प्रति 10 ग्राम मजबूत सपोर्ट और 1,51,000 रुपये प्रति 10 ग्राम प्रमुख रेजिस्टेंस स्तर हो सकता है। वहीं चांदी के लिए 2,18,000 से 2,20,000 रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 2,54,000 से 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक की तेजी संभव है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में तेज उछाल के दौरान एकमुश्त निवेश करने से बचना चाहिए। बाजार में आने वाले उतार-चढ़ाव का फायदा उठाते हुए गिरावट पर चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है। अजय केडिया के मुताबिक, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो का 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा सोने में रखना चाहिए, क्योंकि यह बाजार की अनिश्चितता के दौरान स्थिरता प्रदान करता है। लंबी अवधि के निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड की बजाय गोल्ड ETF, डिजिटल गोल्ड या सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्प बेहतर माने जाते हैं। इनमें मेकिंग चार्ज, सुरक्षा और स्टोरेज जैसी समस्याएं अपेक्षाकृत कम होती हैं।

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