• July 3, 2026

ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय को बीए एलएलबी में 60 अतिरिक्त सीटों की मिली मान्यता

लखनऊ। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (केएमसीएलयू), लखनऊ के लिए विधि शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। विश्वविद्यालय को बीए एलएलबी (पांच वर्षीय एकीकृत विधि पाठ्यक्रम) में 60 अतिरिक्त सीटों की मान्यता प्राप्त हो गई है। इस स्वीकृति के बाद अब विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या में वृद्धि होगी और अधिक अभ्यर्थियों को कानून की पढ़ाई का अवसर मिल सकेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, अतिरिक्त सीटों की मंजूरी संबंधित नियामक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रदान की गई है। इससे आगामी शैक्षणिक सत्र में बीए एलएलबी पाठ्यक्रम की प्रवेश क्षमता पहले की तुलना में अधिक हो जाएगी। हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन सीमित सीटों के कारण कई योग्य अभ्यर्थी प्रवेश से वंचित रह जाते थे। नई स्वीकृति से ऐसे विद्यार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

बीए एलएलबी एक पांच वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम है, जिसमें कानून की शिक्षा के साथ सामाजिक विज्ञान एवं अन्य विषयों का भी समावेश होता है। वर्तमान समय में न्यायिक सेवाओं, वकालत, कॉर्पोरेट लॉ, लीगल कंसल्टेंसी, विधिक शोध और विभिन्न सरकारी सेवाओं में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के बीच इस पाठ्यक्रम की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सीटों की संख्या बढ़ने से प्रदेश के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण विधि शिक्षा प्राप्त करने का बेहतर अवसर मिलेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे छात्रों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि केएमसीएलयू में शैक्षणिक गुणवत्ता, आधुनिक शिक्षण प्रणाली और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के विस्तार पर लगातार कार्य किया जा रहा है। विधि संकाय को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से अधोसंरचना, शैक्षणिक संसाधनों और विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों में वृद्धि से न केवल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक क्षमता मजबूत होगी, बल्कि प्रदेश के उन छात्रों को भी लाभ मिलेगा जो प्रतिष्ठित सरकारी विश्वविद्यालय से विधि शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं। इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की भूमिका और अधिक सुदृढ़ होगी।

गौरतलब है कि ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती लैंग्वेज यूनिवर्सिटी, लखनऊ विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का संचालन करती है और बीते कुछ वर्षों में रोजगारपरक शिक्षा एवं कौशल आधारित कार्यक्रमों के विस्तार पर विशेष जोर दे रही है। बीए एलएलबी में 60 अतिरिक्त सीटों की स्वीकृति को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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