इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR आदेश पर लगाई रोक
Allahabad High Court की लखनऊ पीठ ने शनिवार को कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के खिलाफ FIR दर्ज करने के अपने ही आदेश पर रोक लगा दी। अदालत ने कहा कि बिना पूर्व नोटिस दिए किसी व्यक्ति के खिलाफ इस तरह का आदेश देना उचित नहीं है।
दरअसल, एक दिन पहले ही हाईकोर्ट ने कथित दोहरी नागरिकता मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया था। हालांकि, अब अपने ताजा आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित व्यक्ति को नोटिस देना अनिवार्य है।
केंद्रीय एजेंसी से जांच संभव
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि FIR दर्ज होती है, तो राज्य सरकार आवश्यकता पड़ने पर जांच के लिए किसी केंद्रीय एजेंसी की मदद ले सकती है। यह फैसला जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की पीठ ने दिया, जो एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी।
क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता, जो कर्नाटक से जुड़े एक राजनीतिक कार्यकर्ता हैं, ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और विस्तृत जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मामला Bharatiya Nyaya Sanhita, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, फॉरेनर्स एक्ट और पासपोर्ट एक्ट के तहत आता है।
इससे पहले यह शिकायत रायबरेली स्थित विशेष MP/MLA कोर्ट में दायर की गई थी, जिसने 28 जनवरी 2026 को यह कहते हुए याचिका खारिज कर दी थी कि वह नागरिकता से जुड़े मामलों पर निर्णय देने के लिए सक्षम नहीं है। बाद में यह मामला हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में स्थानांतरित किया गया, जहां अब इस पर नई सुनवाई हो रही है।
इस घटनाक्रम के बाद मामला एक बार फिर कानूनी और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।