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Air India AI 171 Crash: विमान में नहीं थे सवार, फिर भी चली गई जान; फिल्ममेकर महेश जीरावाला की दर्दनाक कहानी

अहमदाबाद: एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 दुर्घटना को एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन इस हादसे से जुड़ी कई दर्दनाक कहानियां आज भी लोगों को भावुक कर देती हैं। 12 जून को हुए इस भीषण विमान हादसे में जहां विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी, वहीं जमीन पर मौजूद कई निर्दोष लोगों ने भी अपनी जान गंवाई थी। इन्हीं में 34 वर्षीय फिल्ममेकर महेश जीरावाला भी शामिल थे, जो विमान के यात्री नहीं थे, लेकिन हादसे की चपेट में आ गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, महेश जीरावाला अहमदाबाद में एक फिल्म संबंधी काम के सिलसिले में अपनी एक्टिवा स्कूटी से जा रहे थे। उसी दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर उस इलाके में गिरा, जहां से वह गुजर रहे थे। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

परिवार को कई दिनों तक नहीं थी जानकारी

महेश के घर नहीं पहुंचने और फोन बंद आने के बाद उनके भाई कार्तिक ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महेश का मोबाइल फोन आखिरी बार विमान दुर्घटना स्थल के आसपास सक्रिय था। परिवार ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य माध्यमों से उनकी तलाश जारी रखी। पुलिस जांच में सामने आया कि महेश एक रास्ते से गुजरते हुए दिखाई दिए थे, लेकिन इसके बाद उनका कोई सुराग नहीं मिला।

डीएनए जांच से हुई पहचान

करीब आठ दिन बाद अस्पताल से परिवार को सूचना मिली कि दुर्घटनास्थल के मलबे से मिले जले हुए मानव अवशेषों का डीएनए महेश के नमूनों से मेल खा गया है। पुलिस ने उनकी एक्टिवा स्कूटी के नंबर और चेसिस नंबर के आधार पर भी पहचान की पुष्टि की। महेश इस हादसे के उन अंतिम पीड़ितों में शामिल थे, जिनकी पहचान डीएनए जांच के जरिए हो सकी। बेटे की मौत की पुष्टि होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

‘हम पूरी तरह टूट गए थे’

महेश के भाई कार्तिक ने बताया कि परिवार ने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि उनका भाई विमान हादसे का शिकार हो सकता है। उन्होंने कहा, “जब पुलिस ने बताया कि भाई की आखिरी लोकेशन क्रैश साइट के पास मिली थी, तब भी हमें उम्मीद थी कि वह सुरक्षित मिल जाएगा। लेकिन डीएनए रिपोर्ट आने के बाद हमारे पास विश्वास करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उनकी जली हुई एक्टिवा देखकर हमारा बचा-खुचा हौसला भी टूट गया।” कार्तिक ने बताया कि महेश केवल फिल्ममेकर ही नहीं थे, बल्कि सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे और जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए कई कार्यक्रम आयोजित करते थे।

शादी के तीन महीने बाद हुई मौत

महेश जीरावाला की शादी उनकी पत्नी हेतल से हादसे से महज तीन महीने पहले हुई थी। उनके निधन ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। महेश के पिता गिरधरभाई जीरावाला, जो हीरा पॉलिशिंग का काम करते थे, ने बेटे को याद करते हुए बताया कि हादसे से कुछ समय पहले ही महेश ने उन्हें काम छोड़कर आराम करने की सलाह दी थी। उन्होंने परिवार का कर्ज चुकाने और अपना घर खरीदने का सपना भी देखा था। भावुक होते हुए गिरधरभाई ने कहा, “आज मुआवजे की राशि लगभग खत्म हो चुकी है, लेकिन इस बात की संतुष्टि है कि मेरा बेटा जाते-जाते भी परिवार को सम्मान के साथ जीने का सहारा दे गया।” स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण गिरधरभाई अब काम नहीं कर पाते हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी अब महेश के भाई कार्तिक पर है, जो सीमित आय में पूरे परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। एयर इंडिया AI171 हादसे के एक साल बाद भी महेश जीरावाला की यादें और उनके अधूरे सपने परिवार के लिए एक भावनात्मक विरासत बने हुए हैं।

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