सिंगरौली में 16 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह रुकवाया गया, प्रशासन की टीम ने समय रहते की कार्रवाई
सिंगरौली: मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक 16 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह रुकवा दिया। शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं, घर मेहमानों से भरा था और विवाह की रस्में शुरू होने वाली थीं। इसी दौरान पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद विवाह पर रोक लगा दी। मामला सिंगरौली जिले के कंजी गांव का है। जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग लड़की की शादी कराई जा रही थी। परिवार विवाह की तैयारियों में जुटा था और रिश्तेदार भी समारोह में शामिल होने के लिए पहुंच चुके थे। इसी बीच प्रशासन को सूचना मिली कि जिस लड़की की शादी हो रही है, वह अभी बालिग नहीं हुई है। सूचना मिलते ही सिंगरौली पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग की संयुक्त टीम गांव पहुंची। अधिकारियों ने किशोरी के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें उसकी कक्षा 9वीं की अंकसूची में जन्मतिथि 16 अगस्त 2012 दर्ज पाई गई। दस्तावेजों के आधार पर उसकी उम्र 16 वर्ष निकली, जो कानूनी विवाह आयु से कम है। नाबालिग होने की पुष्टि के बाद अधिकारियों ने तत्काल विवाह रुकवा दिया। इसके बाद महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम किशोरी और उसकी मां को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए लेकर गई। सिंगरौली पुलिस अधीक्षक सियाज केएम ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों और उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बाल विवाह को रोका। साथ ही लोगों से अपील की कि वे नाबालिग बच्चों की शादी न करें और यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित विभाग को दें।