महतारी वंदन योजना का दायरा बढ़ेगा: सरेंडर कर चुकी महिला नक्सलियों को भी मिलेगा हर महीने ₹1000, जल्द खुलेगा रजिस्ट्रेशन पोर्टल
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने महतारी वंदन योजना के दायरे को और व्यापक बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार अब नक्सलवाद छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुकी महिला नक्सलियों को भी इस योजना से जोड़ने की योजना बना रही है। इसके साथ ही महतारी वंदन योजना का रजिस्ट्रेशन पोर्टल भी जल्द दोबारा खोला जाएगा, जिससे प्रदेश की लाखों पात्र महिलाओं को आवेदन करने का अवसर मिलेगा।
सरेंडर महिला नक्सलियों को मिलेगा आर्थिक सहयोग
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन अपना चुकी 1,000 से अधिक महिला नक्सलियों को महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने ₹1,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस पहल से पुनर्वास प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी और महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
7 से 10 दिनों में फिर शुरू होगा पंजीकरण
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जानकारी दी है कि अगले 7 से 10 दिनों के भीतर महतारी वंदन योजना का रजिस्ट्रेशन पोर्टल फिर से शुरू किया जाएगा। नए आवेदन की शुरुआत पहले बस्तर संभाग से होगी और बाद में इसे पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
पात्रता नियमों में हो सकता है बदलाव
सरकार आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों को योजना में शामिल करने के लिए पात्रता मानकों में संशोधन पर विचार कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर नियमों को सरल बनाया जा सकता है, ताकि अधिक से अधिक पात्र महिलाएं इस योजना का लाभ उठा सकें।
69 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा लाभ
महतारी वंदन योजना के तहत वर्तमान में राज्य की 69 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने ₹1,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है। विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं, जबकि आयकर दाता और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को इसका लाभ नहीं मिलता।
पुनर्वास नीति को मिलेगी मजबूती
सरकार का कहना है कि नक्सलवाद छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुकी महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ना पुनर्वास नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आर्थिक सहायता मिलने से उनके जीवन को नई दिशा मिलेगी और वे सम्मानपूर्वक आत्मनिर्भर जीवन जी सकेंगी।
विपक्ष ने उठाए सवाल
सरकार के फैसले पर विपक्ष ने सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव के दौरान किए गए वादे के मुताबिक योजना का लाभ सभी पात्र महिलाओं तक पहुंचना चाहिए। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि पोर्टल बंद होने और केवाईसी प्रक्रिया के कारण कई महिलाएं अब तक योजना से वंचित हैं।