पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड: पुलिस कस्टडी खत्म होने से पहले सिया गोयल और चेतन चौधरी में शुरू हुआ ‘ब्लेम गेम’
पुणे: बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में नया मोड़ सामने आया है। पुलिस कस्टडी समाप्त होने से पहले मामले के दोनों मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी अब एक-दूसरे पर हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आरोपी पूछताछ के दौरान अलग-अलग और विरोधाभासी बयान दे रहे हैं, जिन्हें पुलिस उनकी कानूनी बचाव रणनीति का हिस्सा मान रही है। दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी 29 जून को समाप्त होनी है। इससे पहले पुलिस मामले में मजबूत साक्ष्य जुटाकर अदालत के सामने पूरी घटनाक्रम की कड़ी (Chain of Evidence) पेश करने की तैयारी में जुटी है।
शादी तोड़ने की कोशिश से हत्या की साजिश तक
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में सिया गोयल ने स्वीकार किया कि वह चेतन चौधरी के साथ रिश्ते में थी और केतन अग्रवाल से तय हुई शादी को खत्म करना चाहती थी। उसका दावा है कि उसने केतन से शादी से इनकार किया था, लेकिन केतन और उसका परिवार इस रिश्ते को तोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक, शुरुआत में दोनों ने भागकर शादी करने की योजना बनाई थी, लेकिन पारिवारिक प्रतिष्ठा और सामाजिक दबाव के कारण यह योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद कथित तौर पर दोनों ने हत्या की साजिश रचने का फैसला किया।
पूछताछ में दोनों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप
पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, चेतन चौधरी ने दावा किया है कि वह केवल सिया के साथ भागना चाहता था, जबकि हत्या की योजना बनाने का दबाव सिया की ओर से था। वहीं सिया गोयल ने जांचकर्ताओं के सामने कहा कि पूरी साजिश चेतन ने तैयार की थी और वही इस योजना का मुख्य सूत्रधार था। सिया ने यह भी दावा किया कि 14 जून को कथित तौर पर हत्या की पहली कोशिश विफल होने के बाद चेतन घबरा गया था और भावुक होकर रोने लगा था।
पुलिस के सामने सबूत जुटाने की चुनौती
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि दोनों आरोपियों के विरोधाभासी बयान खुद को साजिश के आरोपों से बचाने की रणनीति हो सकते हैं। ऐसे में जांच टीम केवल बयानों पर निर्भर रहने के बजाय इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले सबूत और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरी ‘चेन ऑफ एविडेंस’ तैयार करने में जुटी है। पुलिस का प्रयास है कि अदालत में यह स्थापित किया जा सके कि यदि जांच में ऐसा साबित होता है, तो दोनों आरोपियों ने कथित रूप से एक साझा योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।