केतन अग्रवाल हत्याकांड: 6 महीने में 2004 कॉल, 238 घंटे की बातचीत; पुलिस ने खोली मंगेतर और उसके कथित प्रेमी की साजिश की परतें
पुणे: रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या मामले में पुलिस जांच के दौरान लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच एजेंसियों का दावा है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर हत्या की सुनियोजित साजिश रची थी। पुलिस के अनुसार, दोनों पिछले छह महीनों से लगातार संपर्क में थे और इस दौरान उनके बीच 2,004 फोन कॉल हुईं, जबकि करीब 238 घंटे तक बातचीत की गई। पुलिस का मानना है कि दोनों के बीच हुई लंबी बातचीत हत्या की योजना का हिस्सा हो सकती है। मामले की जांच में सामने आए कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।
हत्या वाले दिन कैफे में हुई थी मुलाकात
पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मुताबिक, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला है कि घटना वाले दिन सिया और चेतन एक कैफे में मिले थे। पुलिस का दावा है कि दोनों ने वहीं केतन को रास्ते से हटाने की योजना पर चर्चा की थी और लोहागढ़ किले पर उस स्थान की पहचान की थी, जहां से उसे घाटी में धक्का दिया जा सके। पुलिस के अनुसार, 18 जून को 26 वर्षीय केतन अग्रवाल की लोहागढ़ किले की घाटी में गिरने से मौत हुई थी। जांच के बाद इस मामले में सिया गोयल (20) और चेतन चौधरी (22) को गिरफ्तार किया गया।
प्री-वेडिंग शूट रोकने के लिए पासपोर्ट चोरी का आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि सिया ने कथित तौर पर बाली में प्रस्तावित प्री-वेडिंग फोटोशूट को रुकवाने के लिए केतन का पासपोर्ट चुरा लिया था। पुलिस का दावा है कि मुंबई एयरपोर्ट जाते समय उसने खालापुर स्थित एक फूड मॉल में कार से पासपोर्ट निकालकर महिलाओं के शौचालय में फेंक दिया था। पुलिस के अनुसार, सिया और केतन की फरवरी में सगाई हुई थी और नवंबर में उदयपुर में उनकी शादी तय थी। शादी के लिए एक महल भी बुक किया गया था।
कई बार लोहागढ़ किला ले जाने की कोशिश
परिवार के सदस्यों से पूछताछ में पता चला है कि सिया लगातार केतन को लोहागढ़ किले पर ले जाने का प्रयास कर रही थी। 31 मई को वह उसे वहां लेकर गई थी, जबकि 4 जून को दोबारा जाने का आग्रह किया था। हालांकि उस समय केतन की मां ने इसकी अनुमति नहीं दी थी।
14 जून को भी हुई थी कथित हत्या की कोशिश
पुलिस का दावा है कि 14 जून को भी सिया ने कथित रूप से केतन को किले से धक्का देने की कोशिश की थी। हालांकि वह झाड़ी पकड़कर बच गया था। जांचकर्ताओं के अनुसार, इसके बाद सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर खुद को उसकी मदद करने वाली के रूप में पेश किया था।
सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गतिविधियां
जांच के दौरान मिले सीCTV फुटेज में चेतन चौधरी को हुडी पहनकर सिया और केतन का पीछा करते हुए देखा गया। पुलिस का कहना है कि 33 डिग्री सेल्सियस तापमान में हुडी पहनना और उसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं, जिसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया।
चेतन के परिवार ने लगाए फंसाने के आरोप
वहीं, चेतन चौधरी के वकील राम शाहाणे ने दावा किया है कि उनके मुवक्किल को गलत तरीके से इस मामले में फंसाया जा रहा है। उनका कहना है कि एफआईआर में चेतन की भूमिका स्पष्ट नहीं है और केवल सिया के साथ उसके संबंधों के आधार पर उसे आरोपी बनाया गया है। चेतन के पिता बाबूलाल चौधरी ने भी अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए आरोप लगाया कि सिया खुद को बचाने के लिए चेतन का नाम सामने ला रही है।
परिवार ने की फास्ट ट्रैक ट्रायल की मांग
केतन अग्रवाल के परिवार ने मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि मामले की जल्द सुनवाई हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। केतन के पिता ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर भरोसा है और उम्मीद है कि पुलिस मजबूत साक्ष्यों के साथ अदालत में अपना पक्ष रखेगी।