मुजफ्फरनगर में सनसनीखेज मामला: दोना-पत्तल फैक्ट्री से 13 मजदूर बंधक स्थिति से छुड़ाए गए
मुजफ्फरनगर जिले में एक दोना-पत्तल बनाने वाली फैक्ट्री से 13 मजदूरों को पुलिस ने छापेमारी कर बंधनमुक्त कराया है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस और श्रम विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। पुलिस के अनुसार, मजदूरों को कथित तौर पर लंबे समय से फैक्ट्री में बंधक बनाकर रखा गया था और उनसे जबरन काम कराया जा रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मजदूरों को कई राज्यों और नेपाल से लाकर काम पर रखा गया था।
मजदूरों पर गंभीर आरोप और अमानवीय व्यवहार
बंधक बनाए गए मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उनसे 24 घंटे काम कराया जाता था और उन्हें केवल नमक-रोटी दी जाती थी। इसके अलावा उनके मोबाइल फोन और आधार कार्ड भी छीन लिए गए थे ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें। मजदूरों के अनुसार, फैक्ट्री परिसर में सुरक्षा के लिए कुत्ते भी रखे गए थे, जिससे उनके भागने का डर बना रहे। कुछ मजदूरों ने यह भी दावा किया कि काम के दौरान उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
दो साल से बंधक बनाए जाने का आरोप
जानकारी के अनुसार, कई मजदूरों को लगभग दो वर्षों से फैक्ट्री में रखा गया था। उन्हें शुरुआती तौर पर बेहतर वेतन और सुविधाओं का लालच देकर लाया गया था, लेकिन बाद में कथित रूप से उन्हें पूरी तरह कैद कर लिया गया।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनके खिलाफ मजदूरों के साथ मारपीट और उत्पीड़न के आरोप हैं। मौके से कई आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मजदूरों की हालत बेहद खराब थी और कई के शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं।
एक मजदूर की मौत और दो के लापता होने का दावा
जांच में यह भी सामने आया है कि इस मामले में एक मजदूर की मौत हो चुकी है, जबकि दो अन्य मजदूरों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने उनकी पहचान और तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं।
मजदूर कैसे पहुंचे पुलिस तक
एक मजदूर के भागकर थाने पहुंचने के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री पर छापा मारा और सभी मजदूरों को रिहा कराया।
जांच जारी
मुजफ्फरनगर पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। फैक्ट्री मालिक की तलाश भी जारी है और पुलिस सभी एंगल से मामले की जांच में जुटी है। फिलहाल, यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और मानव तस्करी व श्रमिक शोषण से जुड़े गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।