पुरी रथ यात्रा 2026: पिछले साल की भगदड़ से सबक, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए अभेद्य कवच तैयार
पुरी: भगवान जगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथ यात्रा को लेकर ओडिशा सरकार और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। पिछले वर्ष हुई भगदड़ की घटना से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रशासन का दावा है कि रथ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना से बचने के लिए ‘जीरो एरर’ रणनीति पर काम किया जा रहा है। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा अपने भव्य रथों पर सवार होकर श्रीमंदिर से निकलेंगे और लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित गुण्डिचा मंदिर तक यात्रा करेंगे। नौ दिनों के प्रवास के बाद बहुदा यात्रा, सुनाबेश और नीलाद्री बीजे जैसे प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे।
तकनीक के जरिए होगी हर गतिविधि पर नजर
इस बार रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक बनाया जा रहा है। पुरी शहर के प्रमुख मार्गों, बड़ा डांडा, गुण्डिचा मंदिर और अन्य संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों से मिलने वाले लाइव फीड की निगरानी एक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जाएगी। अधिकारी रियल टाइम में भीड़ की गतिविधियों और सुरक्षा स्थिति पर नजर रखेंगे, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष अधिकारियों की तैनाती
रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विशेष रूप से भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है। पुलिस, जिला प्रशासन और मंदिर प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि यात्रा के दौरान व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रहे।
ट्रैफिक व्यवस्था होगी पहले से अधिक मजबूत
यात्रा के दौरान संभावित यातायात दबाव को देखते हुए प्रशासन ने आठ नए पार्किंग जोन विकसित किए हैं। इसके अलावा विशेष ट्रैफिक रूट, बैरिकेडिंग, रोड डिवाइडर और अलग-अलग यातायात कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। उद्देश्य यह है कि श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को न्यूनतम परेशानी का सामना करना पड़े और शहर में यातायात सुचारु बना रहे।
स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस
रथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैंप, एम्बुलेंस, आपातकालीन चिकित्सा दल और राहत टीमें तैनात की जाएंगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रात में अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था, हाई-मास्ट लाइटें और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
गुण्डिचा मंदिर क्षेत्र रहेगा सबसे संवेदनशील
पिछले वर्ष हुई भगदड़ की घटना के बाद इस बार गुण्डिचा मंदिर क्षेत्र को सबसे संवेदनशील जोन माना गया है। यहां भीड़ के प्रवेश और निकास के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। प्रशासन अतिक्रमण हटाने, मार्गों को चौड़ा रखने और सुरक्षा घेरा मजबूत करने पर विशेष ध्यान दे रहा है। अधिकारियों का मानना है कि रथ यात्रा की सफलता काफी हद तक इसी क्षेत्र में प्रभावी भीड़ प्रबंधन पर निर्भर करेगी।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं। ऐसे में इस बार की रथ यात्रा प्रशासन के लिए भी एक बड़ी परीक्षा मानी जा रही है। सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों की कमियों का विश्लेषण कर सुरक्षा, तकनीक, स्वास्थ्य सेवाओं, ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। अब सभी की निगाहें रथ यात्रा के दिन पर टिकी हैं, जब पुरी एक बार फिर भगवान जगन्नाथ के जयकारों और श्रद्धालुओं की आस्था से सराबोर नजर आएगा।