NCP ने राजेन्द्र जैन पर लगाया दांव, राज्यसभा उपचुनाव के लिए बनाया उम्मीदवार; भुजबल की नाराजगी पर भी चर्चा
मुंबई: महाराष्ट्र में राज्यसभा की रिक्त सीट को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार गुट ने राज्यसभा उपचुनाव के लिए राजेन्द्र जैन के नाम पर मुहर लगा दी है। हाल ही में सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट के लिए पार्टी की कोर कमिटी की बैठक में यह फैसला लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, एनसीपी (अजित पवार गुट) ने पूर्व विधान परिषद सदस्य और वरिष्ठ नेता राजेन्द्र जैन को राज्यसभा उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष सुनील तटकरे ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि कोर कमिटी की बैठक में सर्वसम्मति से राजेन्द्र जैन के नाम को मंजूरी दी गई और वह महायुति गठबंधन के उम्मीदवार होंगे।
सुनेत्रा पवार के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट
गौरतलब है कि हाल ही में सुनेत्रा पवार ने राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा देकर बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की। उनके इस्तीफे के बाद राज्यसभा की यह सीट खाली हुई थी, जिसके लिए अब उपचुनाव कराया जाएगा।
प्रफुल्ल पटेल के करीबी माने जाते हैं राजेन्द्र जैन
राजेन्द्र जैन को पार्टी में प्रफुल्ल पटेल का करीबी माना जाता है। वह पहले विधान परिषद सदस्य भी रह चुके हैं और संगठन में मजबूत पकड़ रखने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, उनके नाम पर लंबे विचार-विमर्श के बाद अंतिम फैसला लिया गया।
छगन भुजबल की दावेदारी पर विराम
राजनीतिक चर्चाओं में यह भी सामने आया कि पार्टी के वरिष्ठ ओबीसी नेता और मंत्री छगन भुजबल खुद या अपने भतीजे समीर भुजबल को राज्यसभा भेजना चाहते थे। हालांकि, अंततः पार्टी नेतृत्व ने राजेन्द्र जैन के नाम पर सहमति बनाई।
छगन भुजबल की कथित नाराजगी को लेकर उठे सवालों पर महाराष्ट्र एनसीपी अध्यक्ष सुनील तटकरे ने कहा कि भुजबल पार्टी के फैसले के साथ हैं और किसी तरह की नाराजगी नहीं है।
फडणवीस से हुई थी अहम बैठक
इससे पहले शनिवार को एनसीपी नेतृत्व ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर राज्यसभा उम्मीदवार के नाम पर चर्चा की थी। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, छगन भुजबल और राज्यसभा सदस्य पार्थ पवार ने इस संबंध में बैठक की थी।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास ‘वर्षा’ में चर्चा के बाद सभी नेता छगन भुजबल के आवास पहुंचे, जहां आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही थी क्योंकि छगन भुजबल को उपचुनाव के प्रमुख दावेदारों में देखा जा रहा था।
महायुति में साथ हैं BJP, NCP और शिवसेना
महाराष्ट्र में भाजपा, एनसीपी (अजित पवार गुट) और शिवसेना (शिंदे गुट) महायुति गठबंधन के तहत सत्ता में साझेदार हैं। ऐसे में राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को गठबंधन की राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है।