विश्व पर्यावरण दिवस से पहले सीएम योगी का संदेश, युवाओं से की जल संरक्षण और वृक्षारोपण की अपील
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विश्व पर्यावरण दिवस से पहले पर्यावरण संरक्षण को लेकर प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष संदेश जारी किया है। अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने प्रकृति और सनातन संस्कृति के गहरे संबंध का उल्लेख करते हुए पर्यावरण संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी बताया और जल संरक्षण, वृक्षारोपण एवं नदियों के पुनर्जीवन पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में लिखा कि सनातन संस्कृति में वृक्षों, पहाड़ों, नदियों और जीव-जंतुओं की पूजा की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि वेदों में प्रकृति की पूजा को ईश्वर की उपासना माना गया है और अग्नि, वायु, जल तथा पृथ्वी जैसे तत्वों को देव स्वरूप स्वीकार किया गया है। उन्होंने कहा कि 5 जून को मनाया जाने वाला विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन न होकर प्रकृति के प्रति सामूहिक कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर होना चाहिए।
सीएम योगी ने अपने पत्र में सनातन परंपरा में वर्णित देव ऋण का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका सीधा संबंध प्रकृति से है। उन्होंने कहा कि जल, वन, भूमि और संपूर्ण सृष्टि का संरक्षण ही इस ऋण से उऋण होने का मार्ग है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्ष केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन, ज्ञान, स्वास्थ्य और लोककल्याण के प्रतीक माने जाते हैं। उन्होंने हाल ही में संपन्न हुए वट सावित्री व्रत, छठ पर्व और महाकुंभ जैसे आयोजनों का उदाहरण देते हुए प्रकृति और आस्था के गहरे संबंध को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण की अहमियत पर बल देते हुए कहा कि “जल है तो हम हैं” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में शेखा झील पक्षी अभयारण्य को शामिल किए जाने के बाद राज्य में रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। साथ ही, प्रदेश सरकार की एक जनपद एक नदी योजना को नदियों के पुनरुद्धार की दिशा में एक सफल पहल बताया।
युवाओं और बच्चों से विशेष अपील करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि युवा वर्ग जल संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण और नदियों की सुरक्षा के लिए आगे आए। उन्होंने बच्चों से आग्रह किया कि वे अपने जन्मदिन या किसी खास अवसर पर कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं और उसकी देखभाल भी करें।
मुख्यमंत्री ने अंत में प्रदेशवासियों से विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रकृति संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन और वृक्षों की रक्षा का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित, स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण ही विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव है।