‘महाराष्ट्र में गाय नहीं काटने देंगे, गोतस्करों पर लगेगा मकोका’— राजस्व मंत्री बावनकुले का बड़ा बयान
महाराष्ट्र सरकार ने गौ तस्करी और अवैध गोवंश परिवहन के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा संदेश दिया है। मुंबई में महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री और बीजेपी नेता Chandrashekhar Bawankule ने कहा कि राज्य में गायों की कटाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गोवंश तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत कार्रवाई होगी।
चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महाराष्ट्र में गोवंश हत्या और तस्करी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बकरीद के दौरान बकरे काटे जाते हैं, गाय नहीं, इसलिए जो भी व्यक्ति गोवंश हत्या या अवैध तस्करी में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार की तैयारियों का जिक्र करते हुए बावनकुले ने बताया कि निगरानी के लिए सर्विलांस टीमें तैनात कर दी गई हैं। साथ ही गोवंश हत्या बंदी कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर अवैध कटाई या कानून तोड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।
इसी दौरान बावनकुले ने पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोई भी व्यक्ति ईंधन का अनावश्यक भंडारण न करे। घरेलू उपयोग के लिए जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल जमा करने से बचने की अपील की गई है, वहीं व्यावसायिक उपयोग करने वालों को भी सीमित स्टॉक रखने की सलाह दी गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई व्यक्ति कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बावनकुले ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र की जनता प्रधानमंत्री Narendra Modi की अपील का समर्थन कर रही है और सभी राजनीतिक दलों को देशहित में एकजुट होना चाहिए।
दरअसल, 22 मई को महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के नेतृत्व में एक अहम फैसला लिया था। सरकार ने आदेश जारी किया कि संगठित रूप से गौ तस्करी, अवैध गोवंश परिवहन और गैरकानूनी बूचड़खानों में शामिल गिरोहों के खिलाफ अब सीधे महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (MCOCA) के तहत केस दर्ज किया जाएगा।
सरकार ने इस पूरे अभियान की निगरानी की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों और पुलिस आयुक्तों को सौंपी है, ताकि अवैध गतिविधियों पर प्रभावी तरीके से रोक लगाई जा सके।