राहुल गांधी का बड़ा आरोप- ज्ञानेश कुमार को बचा रही मोदी सरकार, बोले- हमारे संपर्क में हैं 200 अधिकारी
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार को बचा रही है। उन्होंने दावा किया कि लाखों लोग मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं और पूछ रहे हैं कि वह इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को बचाकर सरकार बड़ी गलती कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जितना मुख्य चुनाव आयुक्त को बचाने की कोशिश करेगी, विपक्ष उतनी ही मजबूती से इस मामले को उठाएगा और जिम्मेदार लोगों तक पहुंचने का प्रयास करेगा।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पर राहुल गांधी ने उठाए सवाल
राहुल गांधी ने इंडिया ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया है और लोगों को राजधानी पहुंचने से रोका जा रहा है। उनके मुताबिक, लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए ट्रेन और बसों को भी रोका जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को सड़कों पर 20 से 30 हजार पुलिसकर्मी तैनात करने चाहिए, क्योंकि विपक्ष जनता के सामने अपना पक्ष रखना चाहता है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस, आईटीबीपी (ITBP), सीआरपीएफ (CRPF) और देश की जनता का एक बड़ा हिस्सा उनकी बात से सहमत है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग वोट चोरी और देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रभावित करने में मदद कर रहे हैं। ये राहुल गांधी के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इस बयान के आधार पर नहीं होती है।
सीजेआई को चिट्ठी लिखकर जताई थी चिंता
राहुल गांधी ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष और उन्होंने भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को पत्र लिखकर लोकतंत्र और चुनावों की निष्पक्षता को लेकर चिंता जताई थी। उनके अनुसार, मुख्य न्यायाधीश की ओर से जवाब मिला और याचिका दायर करने का निर्देश दिया गया।
राहुल गांधी ने कहा कि इंडिया ब्लॉक के नेता इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़े सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
‘सरकार के 200 अधिकारी हमारे संपर्क में’
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार के करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस पूरे मामले को लेकर दबाव में हैं।
राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को संबोधित करते हुए कहा कि वह मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएंगे। हालांकि, अधिकारियों के संपर्क में होने और मुख्य चुनाव आयुक्त पर दबाव होने संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी के मार्च से पहले सीजेआई सूर्यकांत का बयान
इंडिया ब्लॉक के सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें मुलाकात के अनुरोध के संबंध में एक दिन पहले पत्र मिला था और उन्होंने उसी रात जवाब भेज दिया था। सीजेआई के मुताबिक, जवाब में उन कारणों का उल्लेख किया गया था, जिनकी वजह से वह मुलाकात नहीं कर सकते थे।
इस घटनाक्रम के बीच चुनावी निष्पक्षता, मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका और विपक्ष के आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट में दायर की जाने वाली याचिका पर सबकी नजरें टिकी हैं।
