INDIA गठबंधन के मार्च पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, कई थानों में FIR; SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे राहुल गांधी समेत 11 नेता
नई दिल्ली: दिल्ली में सोमवार को INDIA गठबंधन के नेताओं के प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के संबंध में कनॉट प्लेस, तिलक मार्ग, मंदिर मार्ग और बाराखंभा थानों में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं। ये मामले निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन और अन्य आरोपों से जुड़े बताए जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, तिलक मार्ग थाने में दो एफआईआर, जबकि मंदिर मार्ग और बाराखंभा थानों में एक-एक एफआईआर दर्ज किए जाने की बात सामने आई है। कनॉट प्लेस थाने में भी निषेधाज्ञा के उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज होने की जानकारी मिली है।
बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक विपक्षी नेताओं ने निकाला मार्च
सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA गठबंधन के नेताओं और समर्थकों ने बाराखंभा रोड से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। विपक्षी नेताओं का यह कदम मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग के फैसलों को चुनौती देने से जुड़ा था।
इसके बाद विपक्ष के 11 नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। याचिका में चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अपनाई जा रही प्रक्रिया और संबंधित फैसलों को चुनौती दी गई है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में 14 कमियां चिह्नित की हैं। रजिस्ट्री ने याचिकाकर्ताओं से इन कमियों को दूर करने और कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण देने को कहा है।
राहुल गांधी समेत 11 विपक्षी नेता याचिकाकर्ता
SIR के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचने वाले विपक्षी नेताओं में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव शामिल हैं।
इसके अलावा, शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत, माकपा नेता एमए बेबी, भाकपा नेता डी. राजा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माझी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सांसद ईटी मोहम्मद बशीर भी याचिकाकर्ताओं में शामिल हैं।
चुनाव आयुक्तों को पक्षकार बनाने पर रजिस्ट्री ने मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त एसएस संधू तथा विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाए जाने पर भी स्पष्टीकरण मांगा है।
यह आपत्ति संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर रिट याचिका के संदर्भ में उठाई गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान चुनाव आयोग की शक्तियों के इस्तेमाल और प्रक्रिया को लेकर कई सवाल हैं।
विपक्षी नेताओं ने अदालत से चुनाव आयोग के फैसले लेने और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लागू करने के तरीके की जांच सहित अन्य राहत देने की मांग की है। फिलहाल, रजिस्ट्री की ओर से बताई गई कमियों को दूर करने की प्रक्रिया याचिका की आगे की सुनवाई के लिए महत्वपूर्ण होगी।
राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं का जताया आभार
सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के दौरान राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं और समर्थकों का साथ देने के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष की लड़ाई जारी रहेगी और नेता किसी भी तरह के दबाव से पीछे नहीं हटेंगे।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि विपक्ष का उद्देश्य सरकार को यह संदेश देना था कि देश के लोग डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि SIR के मुद्दे पर विपक्ष अलग-अलग प्रदर्शन नहीं कर रहा, बल्कि सभी नेता एकजुट होकर अपनी आवाज उठा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दे लोकतंत्र और संविधान से संबंधित हैं। विपक्षी नेताओं ने इस मामले में अपनी लड़ाई जारी रखने की बात कही है।
इस बीच, राहुल गांधी ने मंगलवार को विपक्षी सांसदों को अपने आवास पर हाई टी के लिए आमंत्रित किया है। इसे विपक्षी दलों के बीच आगे की रणनीति पर चर्चा के तौर पर देखा जा रहा है।
