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NEET पेपर लीक रोकने के लिए परीक्षा वाले दिन AI से बनेगा प्रश्नपत्र? नंदन नीलेकणि ने दिया बड़ा सुझाव

नई दिल्ली: NEET समेत देश की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच परीक्षा प्रणाली में सुधार की तैयारी तेज हो रही है। परीक्षा सुधार टास्क फोर्स के प्रमुख नंदन नीलेकणि ने सुझाव दिया है कि पेपर लीक की आशंका और इससे जुड़े आर्थिक लालच को खत्म करने के लिए परीक्षा वाले दिन एक बड़े प्रश्न बैंक से प्रश्नपत्र तैयार किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली की ओर ले जाने पर जोर दिया है।

ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में बोलते हुए नीलेकणि ने कहा कि पहले से तैयार प्रश्नपत्रों को अवैध रूप से हासिल करके बेचने का आर्थिक लालच रहता है। यदि परीक्षा के दिन ही प्रश्न बैंक से बेतरतीब तरीके से सवाल चुनकर प्रश्नपत्र तैयार किया जाए, तो पेपर लीक की संभावनाओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

परीक्षा के दिन AI से तैयार हो प्रश्नपत्र

नंदन नीलेकणि ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र तैयार करने की संभावना का समर्थन किया। समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, जब उनसे पूछा गया कि क्या AI इस काम को तुरंत कर सकता है, तो उन्होंने कहा कि बड़े प्रश्न बैंक से परीक्षा वाले दिन प्रश्नपत्र तैयार करना संभव है।

इस व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल प्रश्नों के चयन और प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इसे लागू करने के लिए प्रश्नों की गुणवत्ता, कठिनाई के स्तर, पाठ्यक्रम के अनुरूप चयन और परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करना भी जरूरी होगा।

सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को CBT मोड में कराने पर जोर

नीलेकणि ने कहा कि देश में सभी परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT प्रणाली की ओर ले जाने की जरूरत है। इसके लिए देशभर में परीक्षा केंद्रों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना होगा।

उन्होंने बताया कि देश में करीब 1.5 लाख ऐसे केंद्र हैं, जहां अभ्यर्थी परीक्षा दे सकते हैं। हालांकि, इस व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या और उनकी क्षमता बढ़ाने की जरूरत होगी।

CBT प्रणाली के विस्तार से परीक्षा संचालन में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ सकता है। इसके लिए कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, तकनीकी सहायता और सुरक्षित परीक्षा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को मजबूत करना भी महत्वपूर्ण होगा।

सिफारिशें लागू करने के लिए उत्सुक है सरकार

परीक्षा प्रणाली में ढांचागत सुधारों की समीक्षा कर रही समिति के प्रमुख नीलेकणि ने संकेत दिया कि सरकार इन सिफारिशों को जल्द लागू करना चाहती है।

उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि ये सभी सिस्टम से जुड़े मुद्दे हैं, जिन पर हम अपनी समिति में चर्चा करेंगे और प्रधानमंत्री हमारे फैसलों को लागू करने के लिए बहुत उत्सुक हैं।”

उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और व्यवस्थागत बदलावों को लेकर समिति में चर्चा की जाएगी। हालांकि, इन सुझावों को कब और किस रूप में लागू किया जाएगा, इस बारे में अंतिम निर्णय और आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।

NEET पेपर लीक के बीच परीक्षा सुधारों पर जोर

NEET और अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर छात्रों तथा अभिभावकों की चिंताएं बढ़ाई हैं। ऐसे में परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र तैयार करने, AI के इस्तेमाल और CBT केंद्रों का विस्तार करने जैसे सुझाव महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

यदि इन प्रस्तावों को लागू किया जाता है, तो प्रश्नपत्रों की सुरक्षा मजबूत करने और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसकी सफलता प्रभावी क्रियान्वयन, तकनीकी सुरक्षा और सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर निर्भर करेगी।

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