• May 22, 2026

शुभेंदु अधिकारी के PA हत्याकांड में नया मोड़: गलत पहचान में गिरफ्तार राज सिंह बरी, पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल में नेता प्रतिपक्ष Suvendu Adhikari के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में जांच लगातार जारी है। इस मामले में अब तक पुलिस पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, जांच के दौरान एक बड़ा मोड़ सामने आया है, जहां बलिया निवासी राज सिंह को गलत पहचान के आधार पर गिरफ्तार किए जाने का मामला सामने आया है। बाद में जांच एजेंसी ने उसे निर्दोष मानते हुए रिहा कर दिया।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने हत्या की जांच के दौरान बलिया के रहने वाले राज सिंह को आरोपी समझकर गिरफ्तार किया था। लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि यह गलत पहचान का मामला था और पुलिस ने किसी अन्य व्यक्ति को समझकर कार्रवाई की थी। जांच पूरी होने के बाद राज सिंह को बाइज्जत रिहा कर दिया गया।

राज सिंह ने सुनाई आपबीती, लगाए गंभीर आरोप

जेल से बाहर आने के बाद राज सिंह ने दावा किया कि उन्हें गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया था। उनका कहना है कि पुलिस ने उन्हें किसी और राज कुमार सिंह समझ लिया था।

राज सिंह के अनुसार, वह अपनी मां के साथ अयोध्या दर्शन के लिए गए थे और घर लौटते समय पुलिस टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी बात नहीं सुनी और न ही किसी तरह के सबूत मांगे।

राज सिंह ने दावा किया, “मुझे एनकाउंटर की धमकी दी गई और जबरन जुर्म कबूल करने का दबाव बनाया गया। बाद में मुझे कोलकाता ले जाया गया, जहां पूछताछ के दौरान मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी गई। मुझसे उस अपराध को स्वीकार करने के लिए कहा गया, जो मैंने किया ही नहीं था।”

उन्होंने आगे कहा कि जांच एजेंसी की पड़ताल के बाद सच्चाई सामने आई और उन्हें निर्दोष साबित किया गया।

मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

राज सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से अपील करते हुए कहा कि इस मामले में शामिल पुलिस टीम के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि झूठे आरोपों और गिरफ्तारी के कारण वह लगातार भय के माहौल में रहे।

राज सिंह ने कहा, “हर रात डर लगता था कि कहीं झूठे आरोप में उठाकर मुठभेड़ में न मार दिया जाऊं। जब कोई दोष नहीं था, तब भी भय बना रहा। आखिर कौन नहीं डरेगा?”

फिलहाल, मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। पुलिस और संबंधित एजेंसियों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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