भाषा विश्वविद्यालय में धूमधाम से मनाया गया ‘गुजरात स्थापना दिवस 2026’
उत्तर प्रदेश की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के निर्देशों के अनुपालन में ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में ‘गुजरात स्थापना दिवस 2026’ बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. अजय तनेजा के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. काज़िम रिज़वी और मोहसिन हैदर द्वारा निर्मित 10 मिनट की प्रभावशाली डॉक्यूमेंट्री से हुई, जिसमें गुजरात की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और राजनीतिक पृष्ठभूमि को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को राज्य की समृद्ध परंपराओं से परिचित कराया।
इस अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में छात्रों ने गुजरात की लोकसंस्कृति और परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन किया। गरबा और डांडिया जैसे पारंपरिक नृत्य, राज्य गीत, कविता पाठ और नुक्कड़ नाटक विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इसके साथ ही भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्रों ने गुजरात के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान और महापुरुषों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को विभिन्न राज्यों की संस्कृति से जोड़ते हैं और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को सशक्त बनाते हैं। उन्होंने छात्रों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को जारी रखने पर बल दिया। साथ ही उन्होंने आनंदीबेन पटेल के कार्यों और व्यवहार से प्रेरणा लेने तथा गुजरात के औद्योगिक कौशल से सीखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम के दौरान कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के संदेशों का भी उल्लेख किया गया, जिसमें राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समन्वय को बढ़ावा देने पर बल दिया गया।
इस मौके पर डॉ. रुचिता चौधरी और डॉ. विनय द्वारा निर्मित विश्वविद्यालय की डॉक्यूमेंट्री का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नलिनी मिश्रा ने प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रो. मसूद आलम, प्रो. चंदना डे, प्रो. सौबान सईद, कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, उपकुलसचिव मो. सुहैल, डॉ. पूनम चौधरी, डॉ. राजकुमार सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक, अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।