महिला आरक्षण बिल गिरने पर पीएम मोदी नाराज़, बोले—विपक्ष को महिलाओं के सामने देना होगा जवाब
लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पास न होने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। शुक्रवार को हुए मतदान में सत्ता पक्ष को आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया, जिसके चलते यह अहम बिल पारित नहीं हो सका।
इसके बाद शनिवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने कहा कि महिलाओं को 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने वाले इस बिल को गिराकर विपक्ष ने बड़ी गलती की है और देश की महिलाएं उन्हें माफ नहीं करेंगी।
प्रधानमंत्री ने बैठक में कहा कि विपक्ष को इस फैसले के परिणाम भुगतने होंगे और उन्हें महिलाओं को जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि “देश की महिलाओं को निराश किया गया है और यह संदेश हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचाया जाना चाहिए।”
यह प्रतिक्रिया उस विधेयक के संसद में असफल होने के एक दिन बाद आई, जिस पर गुरुवार से लेकर शुक्रवार मध्यरात्रि तक लंबी और तीखी बहस चली थी। इस विधेयक का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करना था।
हालांकि, मतदान के दौरान बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। दो-तिहाई बहुमत के लिए आवश्यक संख्या पूरी न होने के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका।
वोटिंग से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सांसदों से भावुक अपील भी की थी। उन्होंने कहा था कि देश की करोड़ों महिलाओं की निगाहें संसद पर हैं और सभी जनप्रतिनिधियों को अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए निर्णय लेना चाहिए।
इस घटनाक्रम के बाद महिला आरक्षण को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है, जिसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर लगातार आरोप लगा रहे हैं।