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योगेश गौड़ा हत्याकांड: कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को उम्रकैद, 16 अन्य दोषियों को भी सजा

बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने बीजेपी नेता योगेश गौड़ा की हत्या के मामले में कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने इस मामले में दोषी पाए गए 16 अन्य आरोपियों को भी उम्रकैद की सजा दी है।

सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत के जज संतोष गजानन भट ने बुधवार को कुलकर्णी समेत अन्य आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराया था। इसके बाद शुक्रवार को सजा का ऐलान किया गया।

इस मामले की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने 16 अप्रैल को अदालत से कुलकर्णी के लिए बिना किसी राहत के सख्त उम्रकैद की मांग की थी। वहीं, बचाव पक्ष ने उनकी सामाजिक सेवाओं, राजनीतिक पृष्ठभूमि और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा देने की अपील की थी।

धारवाड़ जिला पंचायत के पूर्व सदस्य योगेश गौड़ा की 15 जून 2016 को धारवाड़ में हत्या कर दी गई थी। उस समय विनय कुलकर्णी राज्य सरकार में मंत्री थे। जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने धारवाड़ के सप्तपुर स्थित एक जिम में गौड़ा पर हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी थी।

परिवार और अन्य लोगों की मांग पर 2019 में तत्कालीन भाजपा सरकार ने इस मामले की जांच CBI को सौंप दी थी। जांच एजेंसी ने 2020 में पूरक आरोपपत्र दाखिल करते हुए कुलकर्णी को इस हत्या का मास्टरमाइंड बताया। CBI के अनुसार, कुलकर्णी योगेश गौड़ा को अपना राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी मानते थे और इसी कारण भाड़े के हमलावरों के जरिए हत्या की साजिश रची गई।

CBI की वकील हेमा ने बताया कि एजेंसी ने इस मामले में 21 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिनमें से 17 आरोपियों को अदालत ने हत्या, साजिश, सबूत नष्ट करने और अपराधियों को बचाने का दोषी पाया।

अदालत ने 16 दोषियों को हत्या और साजिश के मामलों में दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। वहीं, एक अन्य आरोपी—जो पुलिस विभाग में क्षेत्राधिकारी था—को सबूत नष्ट करने और अपराधियों को बचाने के आरोप में 7 साल के कठोर कारावास की सजा दी गई है।

इसके अलावा अदालत ने सभी दोषियों पर कुल मिलाकर करीब 12.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही पीड़ित के बच्चों और उनके भाई गुरुनाथ गौड़ा को 16 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया है।

CBI की ओर से कहा गया कि दोषियों को उनकी अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा, जो इस मामले में अदालत के कड़े रुख को दर्शाता है।

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