रामपुर जेल में आजम खान से मिले अखिलेश यादव, बोले- उनके परिवार के साथ हुआ सबसे ज्यादा अन्याय
रामपुर: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को रामपुर जेल में पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने आजम खान और उनके परिवार के साथ हुए कथित अन्याय का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जितना अन्याय आजम खान के परिवार के साथ हुआ है, उतना किसी राजनीतिक परिवार के साथ शायद ही हुआ हो।
अखिलेश यादव ने मुलाकात को लेकर कहा कि उनकी आजम खान से काफी देर तक बातचीत हुई। उन्होंने भरोसा जताया कि सच्चाई एक दिन सामने आएगी और जिन लोगों ने अन्याय किया है, उन्हें समाज, देश और कानून के सामने जवाब देना होगा।
‘आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे’
आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि रामपुर में सामाजिक न्याय की भावना को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान और उनके परिवार को लगातार निशाना बनाया गया है।
सपा प्रमुख ने कहा कि आजम खान सामाजिक न्याय की दिशा में काम करते रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारियों ने उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए। हालांकि, ये आरोप अखिलेश यादव ने लगाए हैं।
अखिलेश यादव ने आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर विश्वविद्यालय का जिक्र करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी उनके इस सपने को पूरा करेगी। उनके बयान से स्पष्ट है कि सपा आजम खान और उनके परिवार के मुद्दे को राजनीतिक रूप से भी प्रमुखता दे रही है।
भाजपा को हराना सपा का लक्ष्य: अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि समाजवादी पार्टी का लक्ष्य भारतीय जनता पार्टी को हराना है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के कार्यकर्ता इस उद्देश्य के लिए काम करने को तैयार हैं।
सपा प्रमुख ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को जनता के सवालों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए कहा कि 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी का फोकस PDA, सामाजिक न्याय और सच्चाई पर रहेगा।
2027 के चुनाव से पहले सियासी हलचल तेज
उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को धार देने में जुटे हैं। अखिलेश यादव की आजम खान से मुलाकात को भी इसी राजनीतिक माहौल के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आजम खान सपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और रामपुर की राजनीति में उनका प्रभाव रहा है। ऐसे में उनके साथ संबंधों और उनके परिवार से जुड़े मुद्दों पर अखिलेश यादव के बयान आगामी चुनाव से पहले राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकते हैं।
अब देखना होगा कि समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में PDA और सामाजिक न्याय के मुद्दों को किस तरह आगे बढ़ाती है और भाजपा इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है।
