KMCLU में ‘ जेंडर एंड पैट्रिआर्की’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित, समानता और न्याय पर हुई चर्चा
लखनऊ: ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (KMCLU), लखनऊ के फ्री लीगल एड सेंटर ने गैर-सरकारी संगठन AALI के सहयोग से 22 अक्टूबर 2026 को ‘अंडरस्टैंडिंग जेंडर एंड पैट्रिआर्की’ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा के संरक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य लैंगिक असमानताओं, पैट्रिआर्की व्यवस्थाओं और सामाजिक रूढ़ियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
लैंगिक असमानता और सामाजिक रूढ़ियों पर हुई चर्चा
कार्यशाला में संसाधन व्यक्तियों के रूप में नेहा तिवारी और मंतशा ने अपने विचार साझा किए।
वक्ताओं ने समानता, गरिमा और न्याय को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को लैंगिक भूमिकाओं से जुड़ी प्रचलित धारणाओं पर गंभीरता से विचार करने और भेदभावपूर्ण प्रथाओं को चुनौती देने के लिए प्रेरित किया।
डॉ. पीयूष कुमार त्रिवेदी ने किया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत विधि अध्ययन संकाय के डीन डॉ. पीयूष कुमार त्रिवेदी के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कार्यशाला के विषय और सामाजिक जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि लैंगिक समानता स्थापित करने के लिए सामाजिक सोच में बदलाव और भेदभावपूर्ण व्यवहार के प्रति जागरूकता जरूरी है।
प्रमाणपत्र वितरण के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के समापन पर प्रमाणपत्र वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर अंशुल पांडेय, डॉ. प्रशांत वरुण, निधि सिंह राठौर, डॉ. राजकुमार परिचेता, डॉ. अर्चना अस्थाना, डॉ. श्वेता त्रिवेदी और डॉ. मोहित मिश्रा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. दीक्षा मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
इस कार्यशाला ने लैंगिक भूमिकाओं को लेकर प्रचलित धारणाओं पर आलोचनात्मक दृष्टिकोण विकसित करने और भेदभावपूर्ण प्रथाओं को चुनौती देने की आवश्यकता को रेखांकित किया। साथ ही, समावेशी, समानतापूर्ण और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया गया।
