• April 19, 2026

महिला आरक्षण विधेयक पर संसद में गरमाई सियासत

देश की राजनीति में एक बार फिर महिला आरक्षण का मुद्दा केंद्र में आ गया है। संसद में महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% आरक्षण देने से जुड़े अहम विधेयक पेश किए गए हैं। प्रस्ताव है कि इस व्यवस्था को वर्ष 2029 से लागू किया जाए। इसे भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, हालांकि इस पर संसद में तीखी बहस भी देखने को मिल रही है।

विधेयक पेश होते ही विपक्षी दलों ने सरकार से कई सवाल उठाए। समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने मांग की कि महिला आरक्षण के भीतर मुस्लिम और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से उप-कोटा तय किया जाए। विपक्ष का कहना है कि बिना उप-वर्गीकरण के यह आरक्षण सभी वर्गों की महिलाओं तक समान रूप से नहीं पहुंच पाएगा।

सरकार की ओर से जवाब देते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यदि समाजवादी पार्टी को मुस्लिम महिलाओं की इतनी चिंता है, तो वह अपने पार्टी टिकटों में उन्हें प्राथमिकता दे सकती है। उनके इस बयान के बाद सदन में माहौल और अधिक गर्म हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के महत्व पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए कहा कि महिलाओं की नीति निर्धारण में भागीदारी समय की मांग है और यह विधेयक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कोई नया प्रस्ताव नहीं है, बल्कि पिछले 25-30 वर्षों से इस पर चर्चा होती रही है। उन्होंने पूछा कि जब यह विचार पहले सामने आया था, तब इसे लागू क्यों नहीं किया गया। उनके अनुसार, कुछ राजनीतिक दल अपनी सीटों के नुकसान के डर से इस बिल का विरोध कर रहे हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने पंचायत स्तर पर महिला आरक्षण के सकारात्मक प्रभाव का भी उल्लेख किया और कहा कि जब इस व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर स्वीकार किया जा चुका है, तो संसद और विधानसभाओं में इसे लागू करने में हिचक क्यों होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि जो दल इस विधेयक का विरोध करेंगे, उन्हें आने वाले चुनावों में इसका राजनीतिक असर झेलना पड़ सकता है।

Digiqole Ad

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *