डायबिटीज कंट्रोल: रोजाना पैदल चलना कैसे मदद करता है और कितनी दूरी चलना जरूरी है
डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए केवल दवाइयां ही नहीं, बल्कि सही लाइफस्टाइल अपनाना भी बेहद जरूरी है। ऐसे में रोजाना पैदल चलना एक आसान और असरदार तरीका साबित हो सकता है।
पैदल चलने से ब्लड शुगर पर असर
पैदल चलने से शरीर की इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ती है, जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति लगभग 1 घंटा (5–6 किमी/घंटा की स्पीड से) चलता है, तो उसका ब्लड शुगर औसतन 30–60 mg/dL तक कम हो सकता है। हालांकि यह असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है, क्योंकि उम्र, वजन, डाइट और मौजूदा शुगर लेवल पर निर्भर करता है।
डायबिटीज मरीजों के लिए रोजाना वॉक
- रोजाना कम से कम 30 मिनट से 1 घंटा पैदल चलना जरूरी है।
- अगर एक बार में इतना चलना मुश्किल हो, तो इसे 10–15 मिनट के छोटे-छोटे सेशंस में बांटा जा सकता है।
- खाने के बाद 10–15 मिनट की हल्की टहलना भी बहुत फायदेमंद है, क्योंकि यह भोजन के बाद अचानक बढ़ने वाले ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
चलते समय ध्यान रखने योग्य बातें
- आरामदायक जूते पहनें
- बहुत तेज़ या बहुत धीमी चाल से बचें
- नियमितता बनाए रखें
अन्य उपाय
सिर्फ पैदल चलना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, नियमित दवाइयां और समय-समय पर ब्लड शुगर की जांच के साथ ही बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। रोजाना वॉक को अपने रूटीन में शामिल करके आप ब्लड शुगर नियंत्रित रखने के साथ ही हृदय स्वास्थ्य और वजन नियंत्रण में भी मदद पा सकते हैं।