बंगाल नतीजों का असर: अखिलेश यादव ने I-PAC से तोड़ी डील, यूपी 2027 की तैयारी में जुटे
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों का असर अब राष्ट्रीय राजनीति में दिखने लगा है। विपक्षी गठबंधन के लिए झटके के बीच, समाजवादी पार्टी के प्रमुख Akhilesh Yadav ने चुनावी रणनीति और प्रबंधन करने वाली कंपनी Indian Political Action Committee के साथ अपनी डील रद्द कर दी है।
बताया जा रहा है कि 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अखिलेश यादव ने I-PAC को हायर किया था। लेकिन पश्चिम बंगाल में All India Trinamool Congress की हार और Mamata Banerjee के चुनाव हारने के बाद उन्होंने अपना फैसला बदल लिया। गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में TMC की रणनीति और चुनाव प्रबंधन I-PAC के जिम्मे था।
सूत्रों के मुताबिक, चुनावी प्रदर्शन से असंतुष्ट होकर अखिलेश यादव ने यह बड़ा कदम उठाया है। इस घटनाक्रम को 2027 के चुनाव से पहले उनकी रणनीति में बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।
इधर, पश्चिम बंगाल और असम के चुनावी नतीजों के बाद विपक्षी गठबंधन में हलचल तेज हो गई है। ऐसे में अखिलेश यादव अब खुद मैदान में उतरकर चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं। इसी क्रम में वे आज शाहजहांपुर का दौरा करेंगे, जहां वे पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ बैठक कर संगठन और बूथ स्तर को मजबूत करने की रणनीति बनाएंगे।
शाहजहांपुर जिले की सभी 6 विधानसभा सीटों पर फिलहाल Bharatiya Janata Party का कब्जा है, जबकि समाजवादी पार्टी यहां पिछली बार खाता भी नहीं खोल पाई थी। जिले में मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी-खासी संख्या को देखते हुए अखिलेश यादव अपने पारंपरिक MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि I-PAC से दूरी बनाकर अखिलेश यादव किस नई रणनीति के साथ 2027 के चुनावी मैदान में उतरते हैं।