मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नजफगढ़ ड्रेन की सफाई के लिए उभयचर मशीनों को दिखाई हरी झंडी
Rekha Gupta ने बदूसराय ब्रिज पर अत्याधुनिक उभयचर (एम्फीबियस) एक्स्कवेटर मशीनों को हरी झंडी दिखाकर Najafgarh Drain और Pankha Road Drain की सफाई अभियान की शुरुआत की। इन आधुनिक लॉन्ग-बूम और शॉर्ट-बूम मशीनों की तैनाती से ड्रेनों में जमी सिल्ट निकालने, कचरा और जलकुंभी हटाने का काम तेज किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस पहल से ड्रेनों की जल वहन क्षमता बढ़ेगी और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही यह कदम Yamuna River की सफाई के बड़े लक्ष्य को भी मजबूती देगा।
बताया गया कि नजफगढ़ ड्रेन दिल्ली का सबसे बड़ा ड्रेन है और यह शहर के ड्रेनेज सिस्टम की लगभग 75 प्रतिशत सिल्ट को वहन करता है। अनुमान के अनुसार वर्षों में इसमें 10 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक सिल्ट जमा हो चुकी है। नई फ्लोटिंग मशीनें ड्रेन के बीच तक पहुंचकर सीधे जमा सिल्ट और गाद निकालने में सक्षम हैं, जिससे सफाई की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने चार नई उभयचर मशीनों को हरी झंडी दिखाई, जबकि एक मशीन पहले ही लाई जा चुकी है। अधिकारियों के अनुसार शेष मशीनें भी जल्द ही विभाग को सौंप दी जाएंगी।
उभयचर मशीन की खासियत
इन मशीनों को सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण (आई एंड एफसी) विभाग द्वारा बदूसराय ब्रिज, ककरोला, द्वारका और उत्तम नगर सहित कई प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है।
शॉर्ट-बूम उभयचर मशीन की लागत लगभग 1.27 करोड़ रुपये है। इसमें करीब 6 मीटर लंबा बूम, 0.20 घन मीटर की बकेट क्षमता, 65 एचपी इंजन और 2.25 घन मीटर का वेस्ट बिन है। यह मशीन लगभग 5 मीटर चौड़े संकरे ड्रेनों में भी आसानी से काम कर सकती है।
दलदली और जलभराव वाले क्षेत्रों में भी सक्षम
लॉन्ग-बूम उभयचर मशीन की लागत करीब 3.15 करोड़ रुपये है। इसमें 15 मीटर लंबा बूम, 0.50 घन मीटर की बकेट क्षमता और 135 एचपी का इंजन लगाया गया है। यह मशीन लगभग 9 मीटर गहराई तक काम कर सकती है और सूखी, दलदली तथा जलभराव वाली परिस्थितियों में भी प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम है।